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अजित-फडणवीस की बातचीत का पता था; पर वे इतना आगे बढ़ जाएंगे, सोचा नहीं था- शरद पवार

  • राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा- अजित कांग्रेस नेताओं से बहस के बाद खफा हो गए थे
  • 22 नवंबर को अजित की बहस हुई, इसी रात देवेंद्र फडणवीस से मिले और अगली सुबह उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र में सरकार गठन के घटनाक्रम से जुड़ा एक और खुलासा किया। उन्होंने मंगलवार को कहा कि वे जानते थे कि भतीजे अजित पवार और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के बीच बातचीत हो रही है। लेकिन, वह यह नहीं सोचा था कि दोनों इतना आगे बढ़ जाएंगे। राकांपा अध्यक्ष ने कहा कि अजित का पाला बदलना मेरे लिए अविश्वसनीय था। इससे पहले सोमवार को शरद ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन यह उन्होंने ठुकरा दिया। 

मंगलवार को एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान पवार ने कहा- 22 नवंबर को कांग्रेस नेताओं के साथ हुई बहस से अजित बेहद नाखुश था। कांग्रेस मंत्रिमंडल में अतिरिक्त विभाग मांग रही थी। मैं उठकर बैठक से बाहर आ गया, अजित भी बाहर आया। उसने मेरे सहयोगियों से कहा- मुझे नहीं पता, हम कल किस तरह काम कर सकेंगे। इसकी अगली सुबह (23 नवंबर) की सुबह उसने भाजपा के देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली।

अजित और देवेंद्र के बीच 22 नवंबर की रात को बैठक हुई
पवार ने कहा- उसी रात अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस के बीच बैठक हुई। हालांकि दोनों के बीच पहले से ही बातचीत चल रही थी। उन्होंने कहा, “भाजपा के कुछ नेताओं का सुझाव था कि भले ही हम साथ काम नहीं कर सकते, हमें बातचीत करनी चाहिए। मूल विचार संवाद करने का था। यह बातचीत अजित और फड़नवीस के बीच हुई।”

अजित को शपथ लेते देखकर हैरान रह गए शरद पवार
पवार ने कहा कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका भतीजा इस तरह का कदम उठाएगा। 23 नवंबर की सुबह 6.30 बजे अजित को फडणवीस के साथ शपथ लेते हुए देखकर वह हैरान रह गए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कहना बिलकुल गलत है कि अजित पवार को उनका आशीर्वाद था।

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