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अमित को जांच के लिए अखबार के कार्यालय लेकर गई पुलिस, जीतू अब भी फरार, कार्रवाई पर उठ रहे हैं सवाल

  • योजनाबद्ध तरीके से पुलिस ने प्रशासन, आबकारी, निगम, नारकोटिक्स सहित 9 विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई की थी
  • जीतू सोनी के होटल, घर, दफ्तर पर 24 घंटे चले छापे में मिलीं थी 67 युवतियां, 36 कारतूस; 150 करोड़ की जमीनों की 30 रजिस्ट्रियां जब्त
  • पुलिस का दावा ब्लैकमेलिंग, अड़ीबाजी के लिए रखे थे कई दस्तावेज
  • चौतरफा कार्रवाई पर सवाल भी : हनी ट्रैप में नए खुलासों के बाद कार्रवाई, क्या नेताओं-अफसरों को एक्सपोज होने से बचाने की कोशिश?

हनी ट्रैप मामले में नगर निगम के सस्पेंड इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर शनिवार रात पुलिस ने संझा लोकस्वामी अखबार के मालिक जीतू उर्फ जितेंद्र सोनी और उनके बेटे अमित सोनी के गीता भवन चौराहा स्थित होटल माय होम, घर और दफ्तरों पर छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया था। कार्रवाई के बाद सोनी के अखबार लोकस्वामी के कार्यालय को भी सील कर दिया गया था। पुलिस का कहना था कि कुछ जांच के बाद सोमवार सुबह तक अखाबार की सील खोल दी जाएगी लेकिन अखबार कार्यालय अब भी सील है। सोमवार को पुलिस गिरफ्तार अमित सोनी को लेकर जांच के लिए तीसरी बार अखबार कार्यालय पहुंची।मामले में जीतू सोनी अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर है।


पुलिस की इस कार्रवाई पर कई सवाल भी उठाए जा रहे हैं। हनी ट्रैप मामले में लोकस्वामी द्वारा किए गए नए खुलासों के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। सवाल यह उठ रहा है कि क्या नेताओं- अफसरों को एक्सपोज होने से बचाने की कोशिश की जा रही है। सोमवार को मप्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में हनी ट्रैप मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई भी हो रही है। 


एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र के मुताबिक होटल माय होम में पुलिस को 67 युवतियां मिलीं, जिन्हें बंधक बनाकर जिस्मफरोशी करवाने का शक है। घर से पुलिस को हनी ट्रैप कांड से जुड़े दस्तावेज, पेन ड्राइव, सीडी, 30 से ज्यादा प्लॉटों, जमीनों की रजिस्ट्री मिली है, जिनकी बाजार में कीमत 150 करोड़ से ज्यादा है। रविवार तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस ने जीतू सोनी, अमित व अन्य परिजनों पर मानव तस्करी, आईटी एक्ट, आर्म्स एक्ट, प्रतिबंधात्मक और शासकीय कार्य में बाधा के केस दर्ज किए हैं।

अमित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जीतू सोनी की तलाश में टीमें लगाई हैं। पुलिस व प्रशासन के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने रात 10.24 मिनट पर जब माय होम में दबिश दी तो वहां छोटे-छोटे कमरों में चल रहे डांस बार में युवतियों के साथ 7 बच्चे भी थे। सभी को रेस्क्यू कर निकाला। 


होटल ने युवतियों से एग्रीमेंट किया था या नहीं, पैसे कहां से देना बताया, इस बिंदु पर पुलिस कर रही है जांच। इन्हें नाचकर लोगों से नोट बारिश करवाने के रूप में ही वेतन मिलता था। आधा पैसा होटल प्रबंधन रखता था। लोग 2 हजार का नोट देकर उसके खुल्ले करवाते और उड़ाते। स्टेज पर बाउंसर किसी को नहीं जाने देते थे। जो नियमित और प्रीमियम ग्राहक होते थे, उन तक लड़कियां खुद स्टेज से उतरकर आती थीं और रुपए ले जाती थीं। होटल माय होम से छुड़ाई गई युवतियों और महिलाओं को जीवन-ज्योति आश्रम ले जाया गय है।


छापे में यह सब मिलने का दावा…

  • पुलिस के मुताबिक अब तक की कार्रवाई में 30 से ज्यादा रजिस्ट्रियां व दस्तावेज जब्त हुए हैं। सभी दूसरे नामों से, पर अभी मालिकों के नाम सामने नहीं आए हैं।
  • 30 प्रॉपर्टी करीब डेढ़ सौ करोड़ की हैं। कई रजिस्ट्रियां और प्लॉट की नोटरियां भी मिलीं।
  • सोनी के घर से लाइसेंसी बंदूक मिली। 36 जिंदा व 6 चले हुए कारतूस मिले, जो लाइसेंसी बंदूक के नहीं हैं।
  • 170 के लगभग वीडियो और ऑडियो मिले। इसमें 125 के लगभग वीडियो और शेष ऑडियो क्लिपिंग।
  • नगर निगम होटल में अवैध निर्माण, अनुमति की जांच कर रहा है। बिजली कंपनी भी कनेक्शन की जांच कर रही है।

हरभजन की एफआईआर बनी कार्रवाई का आधार…
जीतू सोनी, अमित सोनी ने अपने अखबार में असत्य, भ्रामक खबरें छापकर मेरी निजता का उल्लंघन किया और यू ट्यूब में इसे अश्लीलता के साथ प्रसारित कर ब्लैकमेल किया। ये वीडियो और फोटो मेरे ही केस में अनुसंधान की सामग्री है और अभी फॉरेंसिक जांच में ये प्रमाणित नहीं हुए हैं। सार्वजनिक रूप से वीडियो-फोटो को प्रसारित कर मुझे आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की प्रताड़ना दी।– (हरभजन सिंह की एफआईआर के अंश)


मामले में एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र से सवाल-जवाब 
हनी ट्रैप के खुलासों के बाद दबाव में कार्रवाई की गई?

एसएसपी- हनी ट्रैप से इसे जोड़ना गलत है। पीड़ित हरभजन सिंह की शिकायत के बाद कार्रवाई की है।
ऐसे तो कोई खोजी पत्रकारिता ही नहीं कर सकेगा?
एसएसपी- खोजी पत्रकारिता का इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। किसी का अंतरंग फोटो या वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रकाशित करते हैं तो आईटी एक्ट में अपराध बनता है। अगर कोई और मीडिया भी ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
कार्रवाई अचानक क्यों करनी पड़ गई?
एसएसपी- पुलिस को जैसे ही माय होम में 67 युवतियों को बंधक बनाने और जिस्म नुमाइश कर रुपए कमाने की सूचना मिली तो एक्शन लिया। युवतियों ने बयान में पीड़ा बताई, इसलिए मानव तस्करी का केस दर्ज किया। घर से अवैध कारतूस मिले। सीडी, पेन-ड्राइव, संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं।

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