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उद्धव ठाकरे को राकांपा-कांग्रेस-शिवसेना गठबंधन ने एकमत से नेता चुना, 1 दिसंबर को शिवाजी पार्क में शपथ लेंगे

  • गठबंधन का नेता बनने के बाद उद्धव ने कहा- कभी राज्य का नेतृत्व करने के बारे में नहीं सोचा था
  • महाराष्ट्र पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था- बुधवार शाम 5 बजे तक विधायकों की शपथ और फ्लोर टेस्ट करवाएं
  • फैसले के कुछ ही घंटों बाद देवेंद्र फडणवीस ने सीएम और अजित पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया
  • भाजपा विधायक कालिदास कोलंबकर प्रोटेम स्पीकर चुने गए, बुधवार सुबह 8 बजे विधानसभा का पहला सत्र बुलाया.

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन का नेता चुना गया। होटल ट्राइडेंट में तीनों दलों के विधायकों की बैठक में उद्धव को नेता चुना गया। उद्धव 1 दिसंबर को शिवाजी पार्क में शाम 5 बजे शपथ ग्रहण करेंगे। वे होटल ट्राइडेंट में तीनों दलों के विधायकों की बैठक के दौरान पत्नी रश्मि और बेटों आदित्य और तेजस के साथ पहुंचे थे। 

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा- महाविकास आघाड़ी गठबंधन के तीन सदस्य आज राज्यपाल से मिलेंगे। मुंबई के शिवाजी पार्क में 1 दिसंबर को शपथ ग्रहण होगा। 
 

मैं फडणवीस के हर सवाल का जवाब देने को तैयार- उद्धव
गठबंधन का नेता चुने जाने के बाद उद्धव ने कहा-  मैं उन सभी सवालों के जवाब देने को तैयार हूं, जो देवेंद्र फडणवीस ने उठाए। मैं किसी बात से नहीं डरता। झूठ हिंदुत्व का हिस्सा नहीं हैं। जब आपको जरूरत थी तो आपने गले लगा लिया और जब जरूरत नहीं पड़ी तो आपने हमें छोड़ दिया। आपने (भाजपा) ही दूरी बनाने की कोशिश की। मुझे अब जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, मैं उसे निभाने को तैयार हूं। मैं अकेला नहीं, मेरे साथ आप सभी मुख्यमंत्री हैं। जो आज हुआ है, वह वास्तविक लोकतंत्र है। हम साथ मिलकर राज्य के किसानों के आंसू पोछेंगे। हम मिलकर एक बार फिर वही महाराष्ट्र बनाएंगे, जिसका सपना छत्रपति शिवाजी महाराज ने देखा था। मैंने कभी भी प्रदेश का नेतृत्व करने का सपना नहीं देखा था। मैं सोनिया गांधी और अन्य को धन्यवाद देना चाहता हूं। हम एक-दूसरे पर विश्वास रखते हुए देश को एक नई दिशा दे रहे हैं।

अजित के आने की अटकलें थी, लेकिन नहीं पहुंचे

कहा जा रहा था कि अजित पवार भी यहां आ सकते हैं। लेकिन, राकांपा विधायक दल के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि अजित बैठक में नहीं आएंगे। आखिरकार अजित बैठक में नहीं पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक गठबंधन का नेता चुने जाने के तुरंत बाद तीनों दल राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश करने जाएंगे। प्रोटेम स्पीकर भाजपा के कालिदास कोलंबकर चुने गए हैं, उन्होंने बुधवार को विधानसभा का पहला सत्र बुलाया है।


सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- खुला मतदान हो, कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए
महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच विपक्षी दलों (शिवसेना, राकांपा-कांग्रेस) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (27 नवंबर) को फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा था कि तुरंत प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर कल शाम 5 बजे तक विधायकों का शपथ ग्रहण करा लिया जाए। इसके बाद गुप्त मतदान के बिना, खुले मतदान (ओपन बैलेट) के जरिए फ्लोर टेस्ट कराएं। विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण भी हो। इस फैसले के बाद ही देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया था।

फडणवीस ने कहा- जिन्होंने हॉर्सट्रेडिंग के आरोप लगाए, वे अस्तबल खरीदकर बैठे
फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और जब बुधवार को बहुमत साबित होना है, तब अजित पवार ने हमसे मुलाकात की और कहा कि कुछ कारणों से वे इस गठबंधन में नहीं रह सकते। उन्होंने अपना इस्तीफा मुझे सौंपा। उनका इस्तीफा आने के बाद हमारे पास भी बहुमत नहीं है। भाजपा ने पहले दिन से एक भूमिका ली थी कि हम किसी विधायक को नहीं तोड़ेंगे। हम हॉर्स ट्रेंडिंग नहीं करेंगे। इसलिए मैं इस्तीफा दे रहा हूं। शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की सरकार अपने ही बोझ तले दब जाएगी। शिवसेना के नेता सोनिया गांधी के नाम की कसम खा रहे थे। हमें आश्चर्य हुआ कि सत्ता के लिए वे कितने लाचार हैं। जिन्होंने हम पर हॉर्स ट्रेंडिंग का आरोप लगाया, वे तो पूरा अस्तबल खरीदकर बैठे हैं।
 
कांग्रेस के थोराट नहीं, भाजपा के कोलंबकर प्रोटेम स्पीकर
फडणवीस के इस्तीफे के एक घंटे बाद ही तय हो गया कि भाजपा विधायक कालिदास कोलंबकर प्रोटेम स्पीकर की शपथ ली। इससे पहले कांग्रेस ने बाला साहेब थोराट को प्रोटेम स्पीकर बनाने की मांग की थी। कांग्रेस ने कहा था कि वे विधानसभा में सबसे वरिष्ठ नेता हैं। थोराट 8 बार के विधायक हैं। थोराट को कांग्रेस विधायक दल का नेता भी चुना गया है। राकांपा ने जयंत पाटिल को विधायक दल का नेता चुना है।

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