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क्या सेक्स ट्रेड (देह व्यापार) एक वेल आर्गनाइज्ड बिज़नस बन रहा है?

$180 billion (180 अरब अमेरिकन डॉलर) केवल सेक्स के लिए खर्च किये जाते हैं दुनियाँ भर में”


देह व्यापार (सेक्स ट्रेड) के बारे में एक सर्वे अनुसार दुनियां भर में लगभग 40 से 42 मिलियन (लगभग 4 करोड़) सेक्स वर्कर्स (prostitutes) हैं. इन सेक्स वर्कर्स को एक एम्प्लोई की तरह सैलरी या कॉन्ट्रैक्ट पर रख कर दुनियां भर में करोडो रूपए का व्यापार होता है.
पूरी दुनियां के इस 42 मिलियन सेक्स वर्कर्स में से सिर्फ 8.42 मिलियन पुरुष सेक्स वर्कर्स हैं और यदि हम नाबालिगों या बच्चों के देह व्यापार की बात करें तो आंकड़े कहते हैं की 50% बच्चे लड़के होते हैं, जिन्हें ट्राफिक किया जाता है.


जितनी महिलाऐं इस व्यापार में सम्मिलित हैं उनमे से 80% 13 से 25 साल की होती हैं. और 90% सेक्स वर्कर्स दलालों (agent) पर निर्भर होते हैं.


संयुक्त राष्ट्र की UNAIDS द्वारा सर्वे में पाया गया की भारत में 2016 की गणनानुसार 1 अरब 32 करोड़ की आबादी में 6 लाख 60 हजार सेक्स वर्कर थे, जो प्रति 10 हजार पर केवल 5 सेक्स वर्कर्स हैं, इस आंकड़े में फ्रांस हमारे बराबर है.


भारत में दुनियां के 53 देशों जिनमे इजराइल, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड और सिंगापुर की तरह सेक्स लीगल है. (सरकारी मान्यता प्राप्त है)


यदि आप सबसे ज्यादा सेक्स टूरिस्म की बात करें तो डोमिनिसियन रिपब्लिक, थाईलैंड, कम्बोडिया, स्पेन, नीदरलैंड ब्राजील और फिलिपिन्स सबसे आकर्षक देश हैं.


लेकिन यदि हम इस देश व्यापार के व्यापारिक गणित पर नज़र डाले तो आप चौंक जाएगे.
दुनियाँ का एक ऐसा देश जहाँ सेक्स वर्कर्स को भी बाकि वर्कर्स की तरह शासकीय सुविधाएँ और अधिकार प्राप्त हैं. दुनियाँ के बाकि देशों में जहाँ आम कर्मचारियों को जॉब के लिए अप्लाई करना और योग्यता साबित करनी होती है, उसी तरह इस देश में सेक्स वर्कर्स को भी सेक्स वर्क के लिए आवेदन देना होता है. आपको जानकर हैरानी होगी की इस देश में 14.5 मिलियन डॉलर्स का सेक्स ट्रेड होता है, जो दुनियां में टॉप 5 में 5वे नंबर पर आता है.


मतलब इससे ज्यादा देह व्यापार और 4 देशों में होता है, जो सेक्स ट्रेड में इससे कहीं ज्यादा आगे हैं. इस देश का नाम है अमेरिका. जी हाँ अमेरिका में सेक्स ट्रेड भी सामान्य ट्रेड (व्यापार) की तरह होता है, सेक्स ट्रेड यहाँ वैध है. मतलब गैरकानूनी नही हैं.


अमेरिका मे 2016 की रिपोर्ट अनुसार लगभग 2 मिलियन सेक्स वर्कर्स हैं.
लेकिन जब हम सेक्स ट्रेड की बात करें तो 4थे नम्बर पर जर्मनी: कीमत – 18 मिलियन डॉलर, 3रे नम्बर पर जापान: कीमत – 24 मिलियन डॉलर, 2रे नम्बर पर स्पेन: कीमत – 26.5 मिलियन डॉलर और पहले नम्बर पर आता है चीन जहाँ 73 मिलियन डॉलर का सेक्स ट्रेड होता है.


इन आंकड़ों से अंदाजा लगया जा सकता है की 180 अरब डॉलर्स का बिज़नस दुनियाँ में कितना फल फूल रहा है, मानवीय हितों के विपरीत प्रकृति का होने के बाद भी, दुनियां भर की सरकारें सेक्स ट्रेड को अपनी नाक के नीचे चलते देखती रहती हैं.


अब यह राजनितिक हित के लिए है या मानवीय (ज्यादातर महिलाओं के लिए) जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए unskilled लोगों के लिए आसान कार्य है जो कहीं भी बिना इन्वेस्टमेंट के शुरू किया जाने वाला सामान्य कार्य…. इसका जवाब हर देश के समाज से अलग अलग शब्दों में आएगा.

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