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महाराष्ट सियासत जंग – भाजपा ने की राज्यपाल से मुलाकात

मुंबई, एएनआइ/पीटीआइ। Maharashtra Government Formation:  महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच खींचतान जारी है। इसी बीच चंद्रकांत पाटिल के नेतृत्व में भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करने पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार शिवसेना विधायक होटल में शिफ्ट हो गए हैं।

शिवसेना विधायक गुलाबराव पाटिल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, ‘हम (शिवसेना के विधायक) अगले 2 दिन होटल रंगशारदा में रहेंगे। उद्धव साहब हमसे जो भी करने को कहेंगे, हम करेंगे।’ इससे पहले पार्टी नेता संजय राउत ने कहा था कि विधायक कहीं शिफ्ट नहीं होंगे

इससे पहले शिवसेना विधायकों की उद्धव ठाकरे के साथ उनके घर मातोश्री में बैठक हुई। शिवसेना फिलहाल 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी हुई है। इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि सरकार बनाने को लेकर अंतिम फैसला उद्धव ठाकरे ही लेंगे।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस घमासान को लेकर कहा कि जल्द ही कोई फैसला होगा। महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व में सरकार बनाई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि हमें शिवसेना का समर्थन मिलेगा, हम उनके साथ बातचीत कर रहे हैं।

उन्होंने इस दौरान कहा कि आरएसएस और मोहन भागवत जी का इससे कोई संबंध नहीं है। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र का अगला सीएम बनने की खबरों का खंडन किया। बता दें कि गडकरी की आज आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से नागपुर में मुलाकात होनी है। जानकारी के अनुसार गडकरी और भागवत दोनों पार्टियों से इस गतिरोध को लेकर चर्चा करेंगे। 

शिवसेना के साथ सरकार बनाना चाहते हैं: मुनगंटीवार 

इसी बीच सुधीर मुनगंटीवार ने कहा है कि हम एक मजबूत और स्थिर सरकार चलाना चाहते हैं, हम शिवसेना के साथ सरकार बनाना चाहते हैं। उद्धव ठाकरे ने स्वयं कहा था कि देवेंद्र फड़नवीस भी शिवसैनिक हैं। मुनगंटीवार से जब पूछा गया कि क्या भाजपा अल्पसंख्यक सरकार बनाने का दावा करेगी? इसे लेकर उन्होंने कहा कि अभी तक हमारी ऐसी कोई योजना नहीं है।

भागवत ठाकरे के बीच कोई बातचीत नहीं

शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा है कि अभी तक महाराष्ट्र में सरकार गठन पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बीच अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने यह बात शिवसेना के विधायक की उद्धव ठाकरे से मुलाकात से पहले कही।

राउत ने कहा- पार्टी के लिए प्रतिबद्ध हैं विधायक

इससे पहले यह खबर सामने आई की शिवसेना अपने विधायकों को टूटने के डर से एक रिजॉर्ट में ले जा रही है।  संजय राउत ने इसका खंडन किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायक दृढ़ संकल्प रखते हैं और पार्टी के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस वजह से ऐसा करने की जरूरत नहीं है। जो लोग इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं उन्हें पहले अपने विधायकों की चिंता करनी चाहिए। राज्य में शिवसेना का ही मुख्यमंत्री होगा।

भाजपा पर कांग्रेस का हमला

कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा, शिवसेना और भाजपा सहयोगी पार्टी हैं। अगर शिवसेना को डर है कि भाजपा उसके विधायकों को खरीद सकती है, तो हम अच्छी तरह से समझ सकते हैं कि भाजपा नैतिक रूप से कितनी भ्रष्ट है। हमें उनसे महाराष्ट्र को बचाना चाहिए। क्या इसके बाद भी गठबंधन के पास सरकार बनाने का नैतिक अधिकार है?

अगले दो दिन काफी अहम

बता दें कि राज्य की राजनीति के लिए अगले दो दिन काफी अहम होने वाले हैं। शनिवार यानी 9 नवंबर को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में नई सरकार के गठन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 

सरकार बनने में देरी

पिछले महीने 21अक्टूबर के हुए विधानसभा चुनावों में 105 सीटें जीतकर भाजपा अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इसके अलावा शिवसेना को 288 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीटें मिली हैं। 24 अक्टूबर को मतदान के परिणाम घोषित होने के बाद से दस दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार बनने में देरी हो रही है, क्योंकि भाजपा-शिवसेना में अभी भी मतभेद कम नहीं हुए हैं। शिवसेना का दावा है कि उसने 50-50 फॉर्मूले पर सहमति के बाद ही भाजपा से गठबंधन किया। वहीं, भाजपा इससे इन्कार कर रही है। 

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