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भोपाल – एमसीयू ने 3 छात्रों का निष्कासन रद्द किया, शर्तें मानने पर सभी छात्र परीक्षा दे सकेंगे; मुख्यमंत्री ने कुलपति को तलब कर जानकारी ली

  • विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा- सभी 23 विद्यार्थियों काे परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा, लेकिन शर्तें माननी होंगी  
  • एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, निष्कासित छात्रों की बहाली मांगी 
  • विश्वविद्यालय में 2 प्रोफेसरों के जातिवादी ट्वीट पर शुरू हुआ था हंगामा; शिवराज ने विधानसभा में उठाया मामला

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने 3 विद्यार्थियों का निष्कासन रद्द कर दिया है। इन विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा था। विश्वविद्यालय के कुलानुशासक (रेक्टर) प्रो. श्रीकांत सिंह ने बताया कि निष्कासित किए गए सभी 23 छात्र परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। लेकिन, विश्वविद्यालय की शर्तें मानने पर ही यह मौका मिलेगा। वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विश्वविद्यालय के कुलपति दीपक तिवारी को तलब किया। उन्होंने विधानसभा भवन में दीपक तिवारी से मिलकर विश्वविद्यालय के हालात के बारे में जानकारी ली। 

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभाग के रवि भूषण सिंह, पत्रकारिता विभाग के विपिन तिवारी और विधि सिंह का निष्कासन बहाल कर दिया गया है। इधर, छात्रों के निष्कासन को बहाल करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। मुख्यगेट बंद होने से प्रदर्शनकारी अंदर प्रवेश नहीं कर सके। पदाधिकारियों का कहना था कि जब तक विश्वविद्यालय से निष्कासित छात्रों को बहाल नहीं किया जाएगा, हमारा विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बुला ली गई। 

इससे पहले बुधवार को निष्कासित छात्रों का मामला विधानसभा में गूंजा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ प्रशासन ने आतंकियों जैसा व्यवहार किया। निष्कासित छात्रों को तुरंत बहाल किया जाए। मंगलवार शाम को भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मामले की शिकायत की। विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसरों के विवादित ट्वीट के बाद हंगामा करने वाले 23 छात्रों को मंगलवार को निष्कासित कर दिया था। 
 

गोपाल भार्गव ने कहा- कमलनाथ सरकार ने एक साल पूरे होने का तोहफा दिया

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी मामले में ट्वीट किया। उन्होंने कहा- छात्रों पर कार्रवाई निंदनीय और दमनकारी है। क्या कमलनाथ सरकार के 1 साल का यही तोहफा है? 

इन छात्रों पर कार्रवाई का आदेश 

पत्रकारिता विभाग से सौरभ कुमार, प्रखरादित्य, राघवेंद्र, विवेक, शुभम, अंकित कुमार, आकाश, रजनीश, अनूप, विपिन और विधिको, मीडिया प्रबंधन विभाग से आशुतोष, राहुल, नीतिषा को, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया विभाग से अभिलाष, अर्पित, रवि भूषण, अंकित, अर्पित, सुरेंद्र, प्रतीक, रवि को, विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग से मोनिका को निष्कासित किया गया है। बुधवार को विपिन, विधि औररवि भूषण का निष्कासन वापस ले लिया गया।

दो प्रोफेसरों पर जातिवादी होने का आरोप लगाकर छात्रों ने किया था हंगामा 
विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिलीप मंडल और मुकेश कुमार ने जाति विशेष को लेकर लगातार विवादित ट्वीट किए थे। नाराज छात्रों ने दोनों प्रोफेसर पर जातिवादी होने का आरोप लगाया था और विश्वविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया था। छात्रों पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज भी किया गया। इस दौरान छात्रों की पुलिस ने पिटाई भी की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने  विश्वविद्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज देखे थे। इसके आधार पर 23 छात्रों को चिह्नित किया था। 

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