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भाजपा में शामिल होने के 6 घंटे बाद कुंवर प्रद्युम्न सिंह लोधी नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष बने, कैबिनेट मंत्री का दर्जा रहेगा

विधायकी छो़ड़ने और भाजपा ज्वाइन करने के छह घंटे बा कुंवर प्रद्युम्न सिंह लोधी को नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष बना दिया गया है। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा रहेगा। बता दें कि रविवार को मध्यप्रदेश में कांग्रेस को एक और झटका लगा। जब छतरपुर जिले की बड़ा मलहरा सीट से विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी भी भाजपा में शामिल हो गए।

इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के पार्टी प्रमुख वीडी शर्मा भी मौजूद रहे। प्रद्युम्न ने विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि प्रद्युम्न के इस्तीफे की वजह ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद से उनके करीबियों के निशाने पर लिया गया।

यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस के और विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं। ऐसे में उपचुनाव को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी घमासान बढ़ गया है। इससे पहले मार्च में 22 कांग्रेस विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे।

बड़ा मलहरा से जीते थे चुनाव
दिसंबर 2018 में विधानसभा चुनाव में प्रद्युम्न सिंह लोधी ने भाजपा प्रत्याशी ललिता यादव को हराया था। 2003 में पहली बार उमा भारती मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं, तब वे बड़ा मलहरा सीट से ही विधायक चुनी गईं थीं।

उमा के बंगले पर भी पहुंचे प्रद्युम्न
प्रद्युम्न सिंह भाजपा में शामिल होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बंगले पर पहुंचे। यहां बातचीत होने के बाद वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले। सीएम ने मिठाई खिलाकर पार्टी में उनका स्वागत किया। अब उनके मंत्री बनाए जाने के कयास भी लगाए जाने लगे हैं, क्योंकि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उमा भारती ने बुंदेलखंड और लोधी समाज की अनदेखी के आरोप लगाए थे। इसी को देखते हुए अब उनके मंत्री बनने की संभावना ज्यादा बढ़ गई हैं। 

प्रद्युम्न ने कहा- भाजपा के विकास कार्यों से प्रभावित
प्रद्युम्न ने कहा कि भाजपा के विकास कार्यों से प्रभावित होकर कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। शिवराज ने विकास किया है। हम चाहते थे कि क्षेत्र में विकास हो। हमारे यहां पलायन होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कमलनाथ सिर्फ छिंदवाड़ा के मुख्यमंत्री थे। वहीं काम करने में लगे थे।

यह विधायक पहले छोड़ चुके हैं कांग्रेस
इमरती देवी, राजवर्धन सिंह, रक्षा सरोनिया, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, रनवीर जाटव, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, रघुराज सिंह कंसाना, गिराज दंडोतिया, मुन्नालाल गोयल, जसमंत, मनोट चौधरी, ऐदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह, प्रभुराम चौधरी, जजपाल सिंह, सुरेश धाकड़, कमलेश जाटव, तुलसी सिलावट, बृजेंद्र सिंह यादव और हरदीप सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में 23 मार्च को आए थे।

दो सीटें विधायकों के निधन होने से खाली
मुरैना जिले की जौरा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा का 21 दिसंबर 2019 को निधन हो गया था। इसी साल 30 जनवरी को आगर-मालवा से भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल का भी बीमारी के कारण निधन हो गया।

20 मार्च को सरकार गिरी, 23 मार्च को शिवराज चौथी बार सीएम बने
सिंधिया समर्थक 6 मंत्रियों समेत 22 विधायकों के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद 20 मार्च को कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था और 15 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार गिर गई थी। 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

विधानसभा में स्थिति

मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 सदस्य हैं। इनमें 22 पहले ही इस्तीफा दे चुके। 2 का निधन हो चुका।

  • 25 सीटें खाली होने से विधानसभा में कुल 205 सदस्य।
  • कांग्रेस के अब 91 विधायक हैं। 
  • भाजपा के पास 107 विधायक हैं। 
  • 4 निर्दलीय, 2 बसपा और 1 सपा का विधायक।

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