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इंदौर में 72 नए कोरोना पॉजिटिव, रुस्तम के बगीचे में 18

पंचम की फेल में 12 तो पंढरीनाथ में दो बच्चे समेत 5 लोग संक्रमित

लाॅकडाउन 4.0 की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन इंदौर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार रात को 72 नए पॉजिटिव मिले। 902 सैंपल की जांच में 803 निगेटिव भी आए हैं। इसके अलावा 2 मौत भी हुई है। नए आंकड़ों को मिलाकर अब शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2637 हो गई है। जबकि मृतकों का आंकड़ा 103 तक पहुंच गया है। राहतभरी बात यह है कि अब तक 1190 मरीज स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट चुके हैं। रात में जो आंकड़े आए, उसमें सबसे ज्यादा रुस्तम के बगीचे क्षेत्र के लोग संक्रमित पाए गए। इसके बाद पंचम की फेल में भी कोरोना ब्लास्ट हुआ है।

रात में आई रिपोर्ट में रुस्तम के बगीचे में 18, पंचम की फेल में 12 और पंढरीनाथ में दो बच्चे समेत पांच लोग संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा अन्य लोग शहर के अलग-अलग क्षेत्र से हैं। रुस्तम के बगीचे में एक ही परिवार के 8, 12 और 14 साल के बच्चे भी कोरोना का शिकार हुए हैं। वहीं, पंचम की फेल में 5, 8 और 9 साल के बच्चों कों संक्रमण पाया गया है। वहीं, पंढरीनाथ में भी 11 और 12 साल के बच्चे कोरोना की चपेट में आ गए हैं। इसके अलावा नेहरू नगर, डीआरपी लाइन, इंदिरा नगर, जूनी इंदौर में भी कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। सभी को आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है।  

जांच के लिए भेजे गए सैंपल भी कम किए गए

काेविड-19 की जांच के लिए भेजे जा रहे सैंपल फिर कम कर दिए गए हैं। इस बार एक चौथाई कर दिए। इससे पहले भी सैंपल की संख्या कम की गई थी तो इस पर सवाल उठे थे। पिछले 10 दिनों से ज्यादा सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे थे, लेकिन सोमवार को 415 तो रविवार को मात्र 347 सैंपल कलेक्ट किए गए, जबकि रोजाना औसतन डेढ़ हजार तक संख्या कर दी गई थी। आंकड़ों को देखें तो 6 से 16 मई तक नए सैंपल की संख्या 1200 से 1500 के बीच थी। फिर अचानक 17 मई को सैंपल की संख्या कम कर दी गई। पूर्व में भी 26 अप्रैल से 1 मई के बीच सैंपल की संख्या कम थी। जिसके कारण पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी कम मिली। इसके बाद भोपाल की तर्ज पर सैंपल की संख्या में बढ़ोतरी की गई तो पॉजिटिव की संख्या भी बढ़ने लगी। विशेषज्ञ इसी बात पर जोर दे रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग की जाना चाहिए ताकि मरीजों की पहचान की जा सके।

 
परिवार के 51 सदस्यों को गार्डन में क्वारैंटाइन किया
कोरोना काल के दर्दनाक किस्सों में एक घटना और जुड़ गई। कुलकर्णी का भट्टा में रहने वाली 70 साल की सागरदेवी की रविवार रात मृत्यु हो गई। परिवार के 51 सदस्यों को एक गार्डन में क्वारैंटाइन किया गया। स्वास्थ्य विभाग से उन्हें सोमवार 12 बजे तक मौत की सूचना ही नहीं मिली। दोस्त, रिश्तेदारों ने खबर दी। क्वारेंटाइन सेंटर से बच्चों ने डाॅक्टर्स को फोन लगाकर बताया कि हमारी मां चल बसी है। क्रियाकर्म के लिए श्मशान भेजाे। चार बेटे क्वारैंटाइन सेंटर से श्मशान पहुंचे, लेकिन उनके आंसू सूख गए।

88 साल की बुजुर्ग ने कोरोना को मात दी, 71 मरीज ठीक हो घर लौटे
तीन अस्पतालों से सोमवार को 71 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे। स्टाफ ने तालियां बजाकर इन्हें विदा किया। इन स्वस्थ होने वाले में 88 वर्षीय मुक्ता जैन भी शामिल हैं। जिन्होंने साबित कर दिया कि हौसले बुलंद हो तो किसी भी मुश्किल परिस्थिति में जीत हासिल की जा सकती है। अरबिंदो से 55, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज से 14 और चोइथराम अस्पताल से 2 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे। जूनी इंदौर की आरती गोस्वामी ने बताया कि यह वक्त सावधानी और सतर्कता का है। डॉक्टर्स-नर्सेस ने हमें ठीक किया। परदेशीपुरा थाना में पदस्थ धर्मेंद्र कुमार जाट, खंडवा निवासी राजकुमार बसंतानी, वल्लभ नगर निवासी चेतन कलाठी, नेहरू नगर की पूर्वी जैन, मरीमाता की नंदिनी ने भी डॉक्टर्स और नर्स का आभार व्यक्त किया।

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