in

दौरा / अमेरिका के साथ तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री जरीफ आज भारत आएंगे, मोदी के साथ रायसीना डायलॉग में शामिल होंगे

नई दिल्ली. ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच 3 दिनों के दौरे पर भारत पहुंचेंगे। वे मंगलवार से दिल्ली में शुरू हो रहे रायसीना डायलॉग में शामिल होंगे। सम्मेलन में 100 से ज्यादा देशों के 700 नेता राजनीति, विज्ञान, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और अगले दशक के कई अन्य एजेंडों पर अपने विचार साझा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे।

इसमें सात पूर्व राष्ट्राध्यक्ष दुनिया के सामने मौजूदा चुनौतियों पर अपने विचार साझा करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रायसीना डायलॉग के पांचवे संस्करण का आयोजन विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन ने मिलकर किया है। इस दौरान भू-राजनीतिक, भू-विज्ञान और आर्थिक विषयों पर चर्चा होगी। सम्मेलन में 12 देशों के विदेश मंत्री शामिल होंगे। शंघाई सहयोग संगठन के महासचिव और राष्ट्रसंघ के महासचिव भी शामिल होंगे।

3 जनवरी को ईरान के कमांडर सुलेमानी को अमेरिका ने मारा था

अमेरिका ने 3 जनवरी को इराक के बगदाद एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला कर ईरान के कुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। तब से पश्चिम एशिया और अमेरिकी के बीच तनाव बढ़ गया है। इसके जवाब में ईरान ने भी बगदाद में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल दागी थीं। दोनों देशों के विवाद पर सभी देशों का ध्यान है। भारत भी दोनों देशों के बीच तनाव खत्म करना चाहता है। इसके लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और कतर समेत मध्य पूर्व के प्रमुख देशों के संपर्क में हैं।

16 जनवरी को विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात करेंगे जरीफ

जरीफ 15 जनवरी को मोदी से मुलाकात करेंगे। गुरुवार को जयशंकर के साथ नाश्ते पर क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद वह मुंबई जाएंगे और वहां के उद्योगपतियों से बातचीत करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात करेंगे।

अमेरिका-ईरान संकट से भारत पर असर 
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव की वजह से तेल के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से भारत ने ईरान से तेल खरीदना बिल्कुल बंद कर दिया है। लेकिन, खाड़ी देशों में लाखों भारतीय रहते हैं। दोनों देशों के बीच संकट से भारत पर इसका व्यापक प्रभाव हो सकता है। 

Report

What do you think?

Written by Bhanu Pratap

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading…

0

मध्यप्रदेश के सतना में टीका लगने के दो दिन बाद 2 बच्चों की मौत; 5 की हालत नाजुक

900 साल पहले 1 जनवरी को मनाई जाती थी, हर 72 साल में तारीख एक दिन बढ़ जाती है