in

पाकिस्‍तान में हिंदूओं के पक्ष में उतरे मुस्लिम संगठन, धर्म परिवर्तन का एक और मामला सामने आया

पाकिस्‍तान में सिंध प्रांत में हिंदू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन का मामला रुक नहीं रहा है। लेकिन इसे लेकर पाक में एक सकारात्‍मक चीज सामने आई है। एक लड़की के धर्म परिवर्तन के मामले में पाक के कुछ मुस्लिम संगठनों ने आवाज उठाई है। एक सप्‍ताह पूर्व सिंध प्रांत में एक हिंदू लड़की को अगवा करके जबरन उसकी शादी करवा दी गई थी। इसके पूर्व भी पाक में एक इस तरह की घटना समाने आई थी। 15 जनवरी को सिंध प्रांत में 15 साल की एक हिंदू लड़की का इस्लाम में जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और फिर एक मुस्लिम से उसकी शादी करा दी गई।

बता दे कि जनवरी माह में  पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत में एक और हिंदू धर्मांतरण का मामला सामने आया था। कराची से लगभग 215 किलोमीटर दूर 24 वर्षीय हिंदू युवती का अपहरण कर पहले उसका धर्म परिवर्तन कराया गया और उसके बाद स्‍थानीय पुलिस अधिकारियों की देखरेख में जबरन उसका विवाह कराया गया। खबरों के अनुसार हिंदू युवती भारती बाई का जबरन इस्लाम धर्म में परिवर्तिन कराया गया था। बाद में एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी कराई गई। दरअसल, भारती की शादी यहां के हला शहर में एक हिंदू व्यक्ति से होनी थी। लेकिन शादी के दिन अज्ञात हमलावरों ने कार्यक्रम स्थल पर पत्थर बरसाए और उसका अपहरण कर लिया। भारती बाई के पिता किशोर दास ने कहा कि उनकी बेटी की शादी की रस्म चल रही थी, जब शाहरुख गुल नाम का अपहरणकर्ता पुलिसकर्मियों के साथ साथ आया और उनकी बेटी को उठा ले गया। शाहरुख के साथ कई और लोग भी थे।

बाद में भारती को हिंदू की जगह इस्लाम धर्म में परिवर्तन कराया गया। शाहरुख गुल से शादी के दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इस्लाम में परिवर्तित होने के बाद भारती का नया नाम बुशरा है। कराची के अल्लामा मुहम्मद यूसुफ बनुरी शहर में स्थित जमीयत-उल-उलूम इस्लामिया ने भारती के धर्मांतरण के प्रमाण पत्र जारी किए, जबकि उनका धर्मांतरण मुफ्ती अबू बकर सईद उर रहमान द्वारा देखा और प्रमाणित किया गया था।

Report

What do you think?

Written by Bhanu Pratap

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading…

0

रोहित न्यूजीलैंड दौरे से बाहर, वनडे में अग्रवाल और टेस्ट में गिल को बुलाया

कश्मीरी पंडितो के विस्थापन पर बनी फिल्म ‘शिकारा’ सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि अभियान है