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हाेलकर में इस बार मैच सेंटर विकेट और काली मिट्टी की पिच पर, फिर से जमकर लगेंगे चौके-छक्के

  • भारत-श्रीलंका के बीच 7 जनवरी को होलकर स्टेडिय में दूसरा टी-20 मैच खेला जाएगा
  • मैदान में बाउंड्री के पास खिलाड़ियों के बैठने के लिए अलग से स्टैंड तैयार किया जा रहा
  • कलेक्टर और एमपीसीए के बीच मैच की तैयारियों को लेकर बैठक हुई, व्यवस्था पर हुई बात 

भारत-श्रीलंका टी-20 क्रिकेट सीरीज का दूसरा मैच 7 जनवरी काे हाेलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच को देखते हुए शनिवार को कलेक्टर लाेकेश कुमार जाटव और एमपीसीए के बीच एक बैठक हुई, जिसमें मैच को लेकर चर्चा की गई, जिसमें लोगों की बैठक व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई। वहीं, कंप्लीमेंट्री और वीवीआइपी पास को लेकर कहा कि एमपीसीए पर कोई दबाव नहीं है। निमानुसार ही कंप्लीमेंट्री पास बांटे जाएं, इसके लिए एमपीसीए को स्पष्ट रूप से कह दिया गया। खास बात यह है कि इस बार मैच सेंटर विकेट आैर काली मिट्टी की पिच पर होगा। इसलिए जमकर चौके-छक्के लगने की संभावना है।

7 जनवरी को मैच 7 बजे से हाेगा। इस मैच पर माैसम का असर पड़ेगा, क्याेंकि तब ठंड के कारण मैदान पर ओस रहेगी। इससे गेंदबाजी आैर फील्डिंग प्रभावित हाेगी। हालांकि अाेस से निपटने के लिए मैदान पर विशेष केमिकल डाला जाएगा, जिससे ओस की बूंदें ज्यादा देर तक घास पर टिकी नहीं रहेंगी। इसके अलावा लगभग 50 ग्राउंड्समैन की टीम तैयार की गई है, जो मैच के दौरान मैदान काे बोरो आैर सुपर सॉपर मशीन से सुखाती रहेगी। इस मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम होगी आैर बाद में बल्लेबाजी को फायदा मिलने की संभावना है। क्योंकि दूसरी पारी के दौरान मैदान पर ओस रहेगी। इससे गेंद गीली होगी आैर गेंदबाजों को ग्रिप मिलने में परेशानी आएगी। इसके अलावा गेंद विकेट पर रुककर आएगी, िजस पर बल्लेबाज आसानी से शॉट खेल सकेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन धूप निकलेगी। शाम को अधिक ओस की उम्मीद नहीं है। हालांकि ओस कम रहने पर भी दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम को परेशानी आएगी।

6 को आ जाएंगी दोनों टीमें
भारत-श्रीलंका टीमें तीन मैचाें की सीरीज का पहला मैच 5 जनवरी को गुवाहाटी में खेलेंगी। टीमें 6 जनवरी को इंदौर अाएंगी व रेडिसन में ठहरेंगी। कुछ खिलाड़ी शाम काे प्रैक्टिस करने या पिच देखने स्टेडियम जा सकते हैं। गैल एंड पर प्रैक्टिस पिच बनाई है।

गैलरी और पैवेलियन से जुड़े सभी बिक चुके हैं
मैच के लिए गैलरी और पैवेलियन के सभी टिकट बिक चुके है। इनमें जनरल कैटेगरी, विद्यार्थी छूट आैर महिला ब्लॉक के टिकट शामिल हैं। दिव्यांग वर्ग में गैलरी टिकट बिक चुके हैं, जबकि पैवेलियन के कुछ टिकट बाकी हैं। दर्शकों के लिए करीब 18 हजार टिकट उपलब्ध रहते हैं। अन्य कॉम्प्लिमेंट्री पास के रूप में देना होते हैं। इन कॉम्प्लिमेंट्री पास में बीसीसीआई, अंपायर, खिलाड़ी, एडवरटाइजमेंट, प्रशासन, एमपीसीए आैर आईडीसीए सदस्यों का कोटा भी शामिल रहता है। एमपीसीए द्वारा बीसीसीआई से संबद्ध सभी 30 एसोसिएशन को लगभग 1100 पास भेजना होते हैं। बोर्ड आैर अन्य एसोसिएशन के पदाधिकारी मैच देखने आएं या नहीं, तब भी इस कोटे के पास उन्हें ही जाते हैं। इसके अलावा एमपीसीए द्वारा शासन-प्रशासन को लगभग 4000 कॉम्प्लिमेंट्री पास देना होते हैं।

बल्लेबाजों के लिए मददगार, टेस्ट में गेंदबाजों को मदद मिली थी
पिच क्यूरेटर समंदर सिंह चौहान ने बताया कि इस बार मैच सेंटर विकेट आैर बेस सॉइल (काली मिट्टी) पर होगा। पिछले साल नवंबर में भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच लाल मिट्‌टी पर खेला गया था। यह विकेट गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुअा था। हालांकि टी-20 में दर्शक चौके-छक्के देखने आते हैं। इसलिए पिच में बदलाव किया है।

दोनों ओर 65, सामने 70 यार्ड
टी-20 फॉर्मेट में दर्शक धुआंधार बल्लेबाजी की उम्मीद करते हैं। इस कारण इस फॉर्मेट में बाउंड्री छोटी होती है। दोनों तरफ की बाउंड्री 65 यार्ड यानी 59.43 मीटर दूर होती है। सामने की तरफ बाउंड्री की लंबाई 70 यार्ड यानी 64 मीटर होती है।

राेहित का था सबसे तेज शतक
होलकर स्टेडियम में यह दूसरा टी-20 मुकाबला होगा। इससे पहले दिसंबर 2017 में भारत-श्रीलंका के बीच ही टी-20 मैच खेला गया था। तब भारत जीता था। रोहित शर्मा ने होलकर स्टेडियम में ही श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मैच में 43 गेंदों पर 118 रन बनाकर टी-20 टूर्नामेंट का सबसे तेज शतक लगाया था। तब भारत ने पांच विकेट पर 260 रन बनाए थे, जो टी-20 टूर्नामेंट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था।

पिछली बार 1.75 लाख बचे थे
मैच के लिए एमपीसीए को बीसीसीआई दो करोड़ रुपए देता है। इंदौर में पिछले टी-20 मैच से एमपीसीए को 1.75 लाख रुपए का फायदा हुआ था। बीसीसीआई से मिलने वाले फंड का उपयोग स्टेडियम का रखरखाव, पुलिस-प्रशासन की ड्यूटी, प्राइवेट सिक्युरिटी, कैमरा सिस्टम के अलावा कुर्सियों के रखरखाव में खर्च होता है। इसके अलावा 50 ग्राउंड्समैन काम कर रहे हैं। प्रत्येक को रोज लगभग 1000 रुपए दिए जा रहे हैं।

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