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कंटेनमेंट एरिया बना राजभवन, टल सकता है शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार

राजभवन परिसर में रहने वाले 7 लोगों कोरोनावायरस से संक्रमित होने के बाद यह इलाका कंटेनमेंट एरिया में आ गया है। हालांकि अभी प्रशासन ने राजभवन को केंटनमेंट एरिया घोषित नहीं किया है। लेकिन केंद्र सरकार की कोरोना गाइड लाइन के अनुसार मरीज मिलने पर तीन किलोमीटर तक का इलाका कंटेनमेंट घोषित किया जाता है। इस क्षेत्र में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को न तो बाहर जाने की इजाजत होती है और न ही यहां कोई बाहरी व्यक्ति आ सकता है। ऐसे में शपथग्रहण समारोह होना मुश्किल लग रहा है। अगर केंद्र की गाइड लाइन का पालन होता है तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का मंत्रिमंडल का विस्तार 14 दिन के लिए टल सकता है।

3 दिन पहले गवर्नर हाउस में संक्रमित मिले युवक के माता-पिता भी पॉजिटिव पाए गए। इसके साथ परिसर में रहने वाले 4 अन्य लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। बुधवार को छह नए संक्रमितों को मिलाकर राजभवन कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 7 हो गई है। आज मिले संक्रमितों को राज्यपाल का करीबी स्टाफ बताया जा रहा है। गवर्नर हाउस में इन कर्मचारियों के संपर्क में कई लोग आए हैं। सभी मरीजों को गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संपर्क में आए लोगों की जानकारी ली जा रही है, ताकि उन्हें क्वारैंटाइन किया जा सके। दो पू्र्व मंत्रियों पर असमंजस

इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर भाजपा में बैठकों का दौर जारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 31 मई तक मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश संगठन द्वारा नामों पर सहमति दे दी है। शिवराज के पिछले कार्यकाल में मंत्री रहे दो वरिष्ठ विधायकों को फिर से शामिल किए जाने पर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने में भविष्य दिक्कत आ सकती है। मुख्यमंत्री की इन विधायकों को संगठन में बड़ा पद देने की इच्छा है। लेकिन ये वरिष्ठ विधायक मंत्री बनना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि आज या कल में केंद्रीय नेत्तृव इन विधायकों से चर्चा कर सकता है। 

मंगलवार को हुई दो दौर की बैठक 

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत के बीच मंगलवार को दो दौर की चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे और कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं में से 8-9 लोगों को मंत्री बनाए जाने के साथ ही शिवराज के पिछले शासनकाल में मंत्री रहे विधायकों को भी फिर मौका देने पर सहमति बनने के संकेत हैं। लेकिन दो नामों को लेकर पेंच हैं। केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय होगा। हालांकि प्रदेश संगठन चाहता है कि नए लोगों को भी मौका दिया जाए। खासतौर पर विंध्य और मालवा-निमाड़ से कुछ चेहरे हो सकते हैं।  

भाजपा से इन नामों पर चर्चा

भाजपा से मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले जिन नामों पर चर्चा चल रही है, उनमें भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, रामपाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, अजय विश्नोई, गौरीशंकर बिसेन, संजय पाठक, विश्वास सारंग, अरविंद भदौरिया, विजय शाह, ओमप्रकाश सकलेचा, जगदीश देवड़ा, यशपाल सिंह सिसोदिया, हरिशंकर खटीक, प्रदीप लारिया, पारस जैन, रमेश मेंदोला, गोपीलाल जाटव, मोहन यादव और सुरेंद्र पटवा के नाम शामिल हैं।

सिंधिया खेमे के इनको मिल सकती है जगह
शिवराज कैबिनेट विस्तार में सिंधिया गुट से अब कुछ और चेहरे मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसमें पूर्व मंत्री इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युमन सिंह तोमर, प्रभुराम चौधरी शामिल हैं। इसके अलावा ऐंदल सिंह कंषाना, हरदीप सिंह डंग, बिसाहू लाल सिंह, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और रणवीर जाटव भी संभावितों में हैं।

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