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दिल्ली चुनाव पर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: प्रकाश जावड़ेकर बोले- भाजपा के कामों का श्रेय ले रहे केजरीवाल

दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल बज उठा है। पार्टियां अपने-अपने सेनापतियों और रणनीतिकारों के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं। केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली भाजपा प्रभारी की कमान संभाल रखी है। करीब 22 साल बाद राज्य की सत्ता में भाजपा की वापसी के लिए पार्टी नेता प्रयास कर रहे हैं। पार्टी की रणनीति, मुख्य मुद्दों को लेकर हिन्दुस्तान के मेट्रो एडिटर गौरव त्यागी ने उनके साथ लंबी बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश

सवाल: आप दिल्ली चुनाव के लिए पार्टी प्रभारी बनाए गए हैं। इस चुनाव में भाजपा के लिए क्या संभावनाएं देख रहे हैं? 
जवाब: भाजपा को इस विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलेगा। जीतने के लिए हमारी पार्टी दिल्ली चुनाव लड़ रही है। यह चुनाव दिल्ली की केजरीवाल सरकार के पांच साल और केंद्र की मोदी सरकार के काम के बीच का चुनाव है। लोग हमें सुशासन के लिए वोट करेंगे। यह चुनाव सफल मोदी सरकार और असफल केजरीवाल सरकार के बीच होगा। लंबे समय बाद भाजपा दिल्ली की सत्ता में वापसी कर रही है। हमारा मुख्य फोकस केवल विकास, विकास और विकास होगा। 
 
सवाल: भाजपा किन मुद्दों को लेकर जनता में जा रही है?
जवाब: केंद्र सरकार ने काम किया है। यह राष्ट्रीयता बनाम अराजकता का चुनाव है। केजरीवाल सरकार के असहयोग के बाद भी दिल्ली में केंद्र ने विकास किया है। राजधानी के वोटरों से हम अपील करेंगे कि वे ट्रिपल इंजन वाली सरकार के लिए वोट करें, ताकि एमसीडी, दिल्ली प्रदेश की सरकार और केंद्र मिलकर इसका विकास करें। हम एमसडी और केंद्र सरकार के विकास कार्यों पर वोट मांग रहे हैं। दिल्ली सरकार की विफलता राजधानी की जनता के सामने है। अगर तीनों स्तरों पर भाजपा की सरकार होगी, तो दिल्ली का विकास तेज गति से होगा। 

सवाल:आपने एमसडी की बात की, मगर स्वच्छता सर्वे में उसकी रैंकिंग बहुत अच्छी नहीं है?
जवाब: केजरीवाल सरकार ने पिछले पांच साल में एमसीडी को फंड नहीं दिया। दिल्ली सरकार को एमसीडी का दस हजार करोड़ रुपये का फंड देना है। इसके चलते एमसीडी के काम प्रभावित हुए। बार-बार मांगने पर भी दिल्ली सरकार ने एमसीडी को उसका फंड नहीं दिया। इसके उलट केजरीवाल सरकार एमसीडी के कामों का भी श्रेय लेने के प्रयास करती है। दिल्ली सरकार डेंगू को रोकने का दावा करती है। सच्चाई यह है कि यह एमसीडी का काम है। डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग एमसीडी करती है। लार्वा की जांच भी एमसीडी की टीम ही करती है। तीनों एमसीडी के काम के चलते दिल्ली में डेंगू कम हुआ है, लेकिन दिल्ली सरकार झूठा दावा करती है कि उसने डेंगू कम कर दिया। 

सवाल: तो क्या एमसीडी अपने काम लोगों को नहीं बता पाई? इसे लेकर भाजपा ने कोई अभियान क्यों नहीं चलाया? 
जवाब: मैं इस बात से समहत हूं। यह संचार का युग है। इसमें काम करने के साथ-साथ उसे बताना भी जरूरी है। एमसडी ने अपने स्तर पर अच्छा काम किया है। 

सवाल: दिल्ली में प्रदूषण एक बड़ा मुद्दा है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी अब दिख रहा है। क्या कदम उठाए गए?
जवाब: साल 2004 से ही दिल्ली की हवा बिगड़नी शुरू हुई। 2014 तक इस पर कोई काम नहीं हुआ, तो हालात बिगड़ गए। हमने दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए। ईस्टर्न और वेस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेस वे को बनाने का काम किया। इससे करीब पचास हजार ट्रकों का प्रवेश दिल्ली में बंद हुआ। ये केवल दिल्ली से गुजरते थे, इनका यहां कोई काम नहीं था। इससे प्रदूषण बढ़ता था। इसके अलावा, तीन हजार से ज्यादा उद्योगों को पीएनजी पर लाने का काम किया। कचरे से बिजली बनाने का काम चल रहा है। गाजीपुर में कूड़ा निस्तारण के लिए बायो प्रोजेक्ट चल रहा है। निर्माण कार्यों व विभिन्न तरह के छह हजार टन मलबे को रोज निस्तारित किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल निर्माण की अलग-अलग गतिविधियों में हो रहा है। पराली जनित प्रदूषण को रोकने के लिए पंजाब और हरियाणा को केंद्र सरकार ने फंड दिया। इसके चलते वर्ष 2019 में पंजाब में 10 फीसदी और हरियाणा में 19 फीसदी पराली दहन में कमी आई। गाजीपुर में बायो-मेथिनेशन प्लांट चल रहा है। जल्दी ही इसकी सफलता की स्टोरी सामने आएगी। कंपोस्टिंग का काम भी चल रहा है। बदरपुर का प्लांट बंद किया गया। इसका भी असर पड़ा है। 

सवाल: आम आदमी पार्टी सरकार का आरोप है कि इस दिशा में केंद्र ने काम नहीं किया? 
जवाब: केंद्र सरकार ने बहुत कुछ किया है, राज्य सरकार ने नहीं किया। हमने मेट्रो लाइनें बढ़ाई हैं। लगभग पचास लाख लोग आज इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। मेट्रो के विस्तार से यात्री संख्या बढ़ी है और दिल्ली में प्रदूषण कम हुआ है। केजरीवाल सरकार ने तो मेट्रो फेज चार को रोकने का प्रयास किया। इसके लिए फंड नहीं दिया गया। वेस्टर्न पैरिफेरल के लिए उसने पैसा नहीं दिया। केंद्र ने दिल्ली सरकार के असहयोग के बाद भी बड़ा काम किया है। मोदी सरकार ने मेट्रो और पैरिफेरल पर काम किया। 

सवाल: कच्ची कॉलोनियों के नियमितीकरण को आम आदमी पार्टी चुनावी स्टंट बता रही है?
जवाब: आप झूठ बोल रही है। हमने कच्ची कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए काम किया है। यह लंबे समय से अटका हुआ था। कच्ची कॉलोनियों के नियमितीकरण के साथ लोगों को रजिस्ट्री की सुविधा दी जा रही है। इसकी प्रक्रिया शुरू भी हो गई है। जियो टैगिंग चल रही है। एक लाख से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है। वे अपने डॉक्यूमेंट अपलोड कर रहे हैं। चुनाव से पहले कम से कम 15 हजार लोगों को रजिस्ट्री दे दी जाएगी। हम कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले सभी लोगों को रजिस्ट्री देने का काम कर रहे हैं। उनके पास अपनी जमीन का मालिकाना हक होगा। अभी तक इस दिशा में काम नहीं हुआ था। 

सवाल: मगर अभी बिल्डिंग प्लान तैयार नहीं है? 
जवाब: लोगों को भरोसा है। वे आवेदन कर रहे हैं। यह अहम है। 

सवाल: सीलिंग भी एक चुनावी मुद्दा है। बार-बार व्यापारियों के सामने यह समस्या आती है। इस पर केंद्र क्या कर रहा है?
जवाब: इसमें राहत के लिए प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में सीलिंग से लोगों को राहत मिली है। यह राहत आगे भी जारी रहेगी। 70 साल तक दिल्ली में शहरी विकास के लिए कोई माकूल योजना नहीं बनाई गई। इसके चलते यह समस्या आई। हम लंबे समय से लंबित सभी मुद्दों को निपटा रहे हैं। इस मामले में लोगों को कोई दिक्कत नहीं आएगी।  दिल्ली वालों की इस समस्या का स्थाई समाधान मिलेगा। 

सवाल: केजरीवाल सरकार लगातार मुफ्त योजनाओं की घोषणा कर रही है, भाजपा इनका मुकाबला कैसे करेगी?
जवाब: पूरे साढे़ चार साल तक अरविंद केजरीवाल सोते रहे। बार-बार दावा किया गया कि नरेंद्र मोदी काम नहीं करने दे रहे हैं। अब अचानक नींद से जागे और आखिरी छह महीने में सभी घोषणाएं कर दीं। दिल्ली की जनता सब समझ रही है। सभी बिलों पर लिखा गया है कि यह घोषणा 31 मार्च तक दी गई है। तीन महीने लाभ देकर पांच साल का पाप नहीं धोया जा सकता। जनता इसका जवाब देगी। राज्य सरकार ने जनता के हित में कोई काम नहीं किया है, जबकि मोदी सरकार लगातार बडे़ काम करती रही है।

सवाल: मनोज तिवारी ने सब्सिडी को लेकर यह कहा था कि सब्सिडी को पांच गुना किया जाएगा। 
जवाब: नहीं, उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था। हमलोग अपने घोषणापत्र में सभी बातों के बारे में विस्तार से बताएंगे। भाजपा अपनी पूरी योजना घोषणापत्र में जारी करेगी। इसके लिए लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं। दस लाख से ज्यादा लोगों के सुझाव इस घोषणा पत्र में शामिल होंगे। जल्दी ही पार्टी अपना घोषणापत्र जारी करेगी। 

सवाल: क्या आप अनुच्छेद 370, राम मंदिर जैसे मुद्दों को भी इस चुनाव में उठाएंगे? 
जवाब: क्यों, इस पर कोई बैन है क्या? देखिए चुनावों में तीन अलग-अलग मुद्दे होते हैं। राष्ट्रीय, प्रदेश स्तरीय और स्थानीय, इनके आधार पर लोग वोट देते हैं। पिछले छह माह में मोदी सरकार ने कई बडे़ फैसले किए हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया है। बीते छह माह में वहां आतंकी घटनाओं में काफी कमी आई है। वहां स्थिति सामान्य है। फुटबॉल के मैच खेले जा रहे हैं। यह एक बड़ी सफलता है। इसके बारे में दिल्ली के मतदाताओं को जानना ही चाहिए। हम वन इंडिया हैं। 

सवाल: क्या इस चुनावी मैदान में पार्टी किसी मौजूदा सांसद और सेलिब्रेटी को भी उतारेगी?
जवाब: भाजपा प्रत्याशियों की सूची जल्द ही जारी होगी। उस सूची के आधार पर आप इसका विश्लेषण कीजिएगा। प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया जारी है। चुनाव लड़ने वालों के नामों की घोषणा शीघ्र कर दी जाएगी।

सवाल: भाजपा ने अब तक सीएम प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है?
जवाब: सभी प्रदेशों में चुनाव लड़ने का तरीका अलग-अलग होता है। पार्टी की रणनीति भी अलग होती है। हम दिल्ली का चुनाव अपनी केंद्र सरकार के प्रदर्शन, एमसीडी के काम और ट्रिपल इंजन की सरकार के नाम पर लड़ रहे हैं। 

सवाल: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों से आप कितने चिंतित हैं?
जवाब: नहीं, इनका कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली के लोग अच्छी तरह से जान रहे हैं कि इन प्रदर्शनों के पीछे कौन है? दिल्ली में सिर्फ तीन जगहों पर इस तरह के प्रदर्शन हुए हैं। 

सवाल: पिछली बार भाजपा और आप के बीच मुकाबला था। क्या इस बार आप त्रिकोणीय मुकाबला देख रहे हैं? 
जवाब: साल 2015 का चुनाव अलग था। वह अन्ना आंदोलन के बाद का चुनाव था। तब जनता को बताया गया था कि हम बंगला नहीं लेंगे। सरकार में आने के बाद गाड़ी नहीं लेंगे। जन-लोकपाल लागू किया जाएगा, लेकिन सच्चाई जनता के सामने है। चार-चार बंगले लिए गए। 70 सरकारी गाड़ियां ली गईं। भ्रष्टाचार हुआ है। आधी आप सरकार जमानत पर है। जन-लोकपाल लागू नहीं किया गया। इधर पिछले पांच साल में मोदी सरकार ने विकास के नए मानक गढ़े हैं। बीते छह महीने में राष्ट्रीय महत्व के कई फैसले लिए गए हैं। लोग सच्चाई को देख-समझ रहे हैं। जो लोग बडे़-बड़े वादे करके दिल्ली की सत्ता में आए थे, वे झूठे निकले। 

सवाल: आप मानते हैं कि दिल्ली सरकार वादे निभाने में नाकाम रही, तो आपकी पार्टी ने कोई अभियान क्यों नहीं चलाया?
जवाब: दिल्ली सरकार सभी स्तरों पर असफल रही है। भ्रष्टाचार की बात की थी और उनका भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। उन पर चार्ज लगे हैं। उनके कई विधायकों पर आरोप लगे हैं। जनता के सामने सच्चाई आ रही है। 

सवाल: पिछली बार आप व कांग्रेस से आए कई नेताओं को टिकट दिया गया था। क्या इस बार काडर का ध्यान रखा जाएगा? 
जवाब: आप हमारी लिस्ट का इंतजार करिए। उसी के बाद इसका विश्लेषण करें। 

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Written by Bhanu Pratap

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