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भारत से मछली व मछली उत्पादों का बड़ता निर्यात

क्या आप यह जानते है कि विश्व में भारत मात्स्यिकी में दूसरे स्थान पर है। यह जलीय कृषि उत्पादन के साथ-साथ अंतर्देशीय कैप्चर फिशरीज में भी विश्व में दूसरे नंबर पर है। भारत में मत्स्य पालन एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करता है और देश की खाद्य सुरक्षा में योगदान देता है। भारत सरकार द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि देश के मात्स्यिकी उत्पादन में वर्ष 2020 तक कम-से-कम 50 टन लाख की बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। आशा है कि इस आर्टिकल से आपको भारत के मत्स्य उत्पादन और इसके निर्यात के बारे में जानने में मदद मिलेगी.  

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मत्स्य पालन और जलीय कृषि उत्पादन भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 1% और कृषि जीडीपी में 5% से अधिक योगदान देता है। भारतीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि खाद्य उत्पादन का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो 14 मिलियन से अधिक लोगों को आजीविका समर्थन और लाभकारी रोजगार के अलावा पोषण संबंधी सुरक्षा प्रदान करता है और कृषि निर्यात में योगदान देता है। गहरे समुद्रों से लेकर पहाड़ों में झीलों और मछलियों और शंख प्रजाति की वैश्विक जैव विविधता के 10% से अधिक विविध संसाधनों के साथ, देश ने आजादी के बाद से मछली उत्पादन में निरंतर और निरंतर वृद्धि दिखाई है।

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पुराने रिकॉर्ड

ध्यान देने वाली बात यह है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश में मत्स्य उत्पादन में लगभग 14 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2016-17 में भारत द्वारा रिकॉर्ड 37870.90 करोड़ रुपए मूल्य के बराबर की बहुमूल्य विदेशी मुद्रा 11,34,948 मीट्रिक टन समुद्री मछलियों/जलजीवों का निर्यात कर कमाई गई थी। 2017-18 के दौरान अंतर्देशीय क्षेत्र से 8.90 मिलियन मीट्रिक टन और समुद्री क्षेत्र से 3.69 मीट्रिक टन मत्‍स्‍य उत्‍पादन के साथ 12.59 मिलियन मीट्रिक टन का कुल मछली उत्पादन दर्ज किया गया था।

मत्स्य उत्पादन क्षेत्र

भारत में 7,500 किलोमीटर (4,700 मील) समुद्री तट रेखा, 3,827 मछली पकड़ने के गांव और 1,914 पारंपरिक मछली लैंडिंग केंद्र हैं। भारत के ताजे जल संसाधनों में 195,210 किलोमीटर (121,300 मील) नदियाँ और नहरें शामिल हैं, 2.9 मिलियन हेक्टेयर छोटे और बड़े जलाशय, 2.4 मिलियन हेक्टेयर तालाब और झीलें, और लगभग 0.8 मिलियन हेक्टेयर बाढ़ के मैदान आर्द्रभूमि और जल निकाय हैं।

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क्या आप जानते है, गुजरात देश में समुद्री मछली का सबसे बड़ा (7.01 लाख टन) उत्‍पादक राज्‍य है। आंध्र प्रदेश अंतर्देशीय मछली का सर्वाधिक (34.50 लाख टन) उत्‍पादन वाला राज्य है। वर्तमान में देश में लगभग 1.5 करोड़ लोगों की आजीविका का आधार मात्स्यिकी के कार्यकलापों से जुड़ा हुआ है। 31 जुलाई 2019 तक तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजीकृत मछली पकड़ने वाली नौकाओं और क्रॉफ्ट की कुल संख्या 2,69,047 है।

निर्यात

दुनिया भर के 75 देशों में 50 से अधिक विभिन्न प्रकार की मछली और कस्तूरा उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। मछली और मछली उत्पाद वर्तमान में भारत से कृषि निर्यात में सबसे बड़े समूह के रूप में उभरे हैं। निर्यात के लिए उत्‍पादों के विविधीकरण के माध्‍यम से निर्यात संभावनाओं को बढ़ावा देने के प्रयास किये जा रहे हैं। वर्ष 2017-18 के दौरान 45,106.90 करोड़ रुपये मूल्‍य के 13,77,243.70 टन मछली और मछली उत्‍पादों का निर्यात हुआ। समुद्री मछली उत्‍पादों के निर्यात में भी वर्ष 2017-18 के दौरान प्रमात्रा के रूप में 21.35 प्रतिशत और मूल्‍य के रूप में 19.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

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Written by Pooja Patidar

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