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अनलॉक-2′ के लिए सरकार की नई गाइडलांइस जारी, स्‍कूल कॉलेज 31 जुलाई तक बंद

Unlock 2.0: अनलॉक 2 में गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट जोन में 31 जुलाई तक लॉकडाउन बढ़ाया है। कंटेनमेंट का अर्थ है रोकना। कंटेनमेंट जोन वे इलाके होते हैं जहां कोरोना संक्रमित पाया जाने पर वहां संक्रमण को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए जाते हैं। संक्रमितों को कंटेनमेंट में रखा जाता है। इन क्षेत्रों के लिए भारत सरकार ने कंटेनमेंट में माना है। लोगों को दो गज की दूरी बनाए रखते हुए कोरोना क्षेत्र से बाहर ना निकलने देना ही कंटेनमेंट कहलाता है और जो लोग इस क्षेत्र में रहते हैं इस इलाके को कंटेनमेंट जोन कहते हैं। इन इलाकों में गृह मंत्रालय ने पूरी तरह से लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ाया है। इसका मतलब यह हुआ कि यहां पूर्ण रूप से सख्ती रहेगी।

हालांकि कुछ आवश्यक सेवाओं को इस दौरान छूट रहेगी लेकिन शेष सभी के लिए सख्ती रहेगी। जानिये कंटेनमेंट जोन को लेकर सरकार की गाइडलाइन क्या कहती है।

नाइट कर्फ्यू रात 10 से सुबह 5 बजे तक

रात 10 से सुबह 5 तक पूरे देश में पाबंदी लेकिन आवश्यक कार्यवाही जारी रहेगी। हालांकि इस दौरान राष्ट्रीय व स्टेट हाईवेज पर लोगों का परिवहन जारी रहेगा। रात के समय लोग नेशनल हाईवे पर जा सकेंगे। इस दौरान ट्रकों में सामान का लदान और माल परिवहन और सामान के उतारने चढ़ाने की अनुमति रहेगी। इसी तरह बसों, ट्रेनों, प्लेन में यात्रियों को रात 10 से सुबह 5 तक आने जाने की अनुमति होगी।

कंटेनमेंट जोन का नए सिरे से निर्धारण

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक कंटेनमेंट जोन का नए सिरे से निर्धारण करेंगे। इन कंटेनमेंट जोन में 31 जुलाई तक लॉकडाउन लागू जारी रहेगा। इस दौरान लॉकडाउन के नियमों को और सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि वायरस के प्रसार को प्रभावी तरीके से रोका जा सके। इन क्षेत्रों में सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही अनुमति दी जाएगी।

शिफ्ट में काम करने वालों को कर्फ्यू से छूट

अनलॉक-2 में रात के कर्फ्यू के समय को कम कर दिया गया है। अब पूरे देश में रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक ही कर्फ्यू रहेगा। पहले रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू था। आर्थिक गतिविधियों को गति देने के इरादे से औद्योगिक या अन्य इकाइयों में शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को कर्फ्यू से छूट दी गई है। नेशनल और स्टेट हाईवे पर यात्रियों और सामान की आवाजाही की अनुमति होगी। बस, ट्रेन और विमान से उतरकर अपने घर जाने वाले लोगों को भी कर्फ्यू से छूट मिलेगी।

दुकानों में शारीरिक दूरी बनाए रखनी होगी

दुकानों में भीड़ जमा होने से रोकने के उपाय जारी रहेंगे। हालांकि, दुकान के आकार के हिसाब से उसमें एक बार में पांच से ज्यादा लोगों को घुसने की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन दुकान के भीतर भी लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन करना होगा।

15 से खुलेंगे सरकारी प्रशिक्षण केंद्र

दिशानिर्देशों के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकार के प्रशिक्षण केंद्र 15 जुलाई से खुल जाएंगे। इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।

धारा 144 के प्रावधान सख्ती से होंगे लागू

कंटेनमेंट जोन में धारा 144 के तहत लागू प्रावधानों का समूचे क्षेत्र में सख्ती से पालन किया जाएगा। सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाएगा। हालांकि यहां आवश्यक सेवाओं को बहाल किया गया है लेकिन इस संबंध में स्थानीय स्तर पर अधिकारीगण जरूरी आदेश जारी करेंगे।

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए केवल आवश्यक गतिविधि को ही अनुमति

कंटेनमेंट जोन में 31 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन जारी रहेगा। इन जोन का निर्धारण जिला स्तर पर प्रशासन करेगा। इसके लिए वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए लागू करेंगे। जारी करेंगे। कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सके। इन जोन के बारे में जानकारी देने का काम कलेक्टर्स का होगा। राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश इस संबंध में मंत्रालय के साथ साझा करेंगे। कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधि को ही संचालित करने की परमीशन होगी।

कंटेनमेंट जोन की सीमाओं पर निगरानी

इन जोन की सीमाओं पर नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा ताकि लोगों को इन क्षेत्रों से आवागमन पूरी सख्ती से प्रतिबंधित रहे। इन क्षेत्रों से सिर्फ मेडिकल जैसे आपात कारणों में ही लोगों को छूट रहेगी। इसके अलावा इन क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाएगी। ये कंटेंट ज़ोन संबंधित जिला कलेक्टरों की वेबसाइट पर और राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा अधिसूचित किए जाएंगे और एमओएचएफडब्ल्यू के साथ सूचना भी साझा की जाएगी। कंटेनर जोन में गतिविधियों की निगरानी राज्य / संघ राज्य क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा कड़ाई से की जाएगी, और इन क्षेत्रों में रोकथाम के उपाय से संबंधित दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

कोई संक्रमित किसी के संपर्क में तो नहीं आया, करेंगे जांच

इन जोन में इस बात की जांच की जाएगी कि कौन पीडि़त किसी के संपर्क में तो नहीं आया है। घरों पर जाकर निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मेडिकल हस्तक्षेप किए जाएंगे। इस तरह दिशा व निर्देशों का पालन किया जाएगा। जोन की गतिविधियों पर केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों की सख्त निगरानी होगी और कोरोना संक्रमण को रोकने संबंधी गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाएगा।

बफर जोन की करेंगे पहचान

केंद्र और राज्य सरकार के सक्षम अधिकारी कंटेनमेंट जोन के बाहर बफर जोन की भी पहचान करेंगे जहां नए मरीजों के आने की संभावना है। बफर जोन में कई प्रकार के जरूरी प्रतिबंधों को लागू करने का कार्य जिला प्रशासन की ओर से किया जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने क्षेत्र के हालातों का आकलन करते हुए कई प्रकार के प्रतिबंध लगाने की अनुमति होगी। वे इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के हालात देखते हुए प्रतिबंध लगा सकते हैं।

पड़ोसी राज्यों, शहरों में आना जाना कर सकेंगे

31 जुलाई तक लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में जा सकेंगे। सेवाओं एवं वस्तुओं का परिवहन जारी रहेगा। पड़ोसी राज्यों में भी केंद्र सरकार की संधियों के मुताबिक सीमावर्ती क्षेत्रों में सामान और लोगों का आना जाना रहेगा। इसके लिए अलग से कोई अनुमति, ई-परमिट की आवश्यक्ता नहीं होगी। पैसेंजर ट्रेनों और श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों, घरेलू उड़ानों के जरिये यात्रा करने वालों और विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों के आगमन और किसी विशेष मकसद से यात्रा करने वाले यात्रियों, विदेशी यात्रियों को उनके देश भेजना और समुद्री मार्ग से यात्रा करने वाले भारतीयों के संबंध में जारी गाइडलाइन के अनुसार ही गतिविधियां जारी रहेंगी।

आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल

आरोग्य सेतु ऐप से हमारे आसपास संक्रमण के जोखिम का जल्दी पता लगाने में मदद प्राप्त होती है। और यह लोगों व समुदायों के संक्रमण से बचने में मददगार है। यह अपेक्षा की जाती है कि सभी जगह काम करने वाले लोग व कर्मचारी अपने-अपने मोबाइल फोन में यह ऐप इंस्टाल कर लें। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करवाना सुनिश्चित करें।

दंड का प्रावधान

अनलॉक 2 की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा आईपीसी की धारा 188 के तहत भी कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा भी अन्य कानूनी प्रावधान लागू रहेंगे।

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