in , ,

लॉक डाउन में आपके मन में उठते सवाल और मनोविज्ञान के जवाब

प्रश्न (1) मन घबराता बहुत है।

रोज का नियमित जीवन मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए वर्तमान समय की पाबंदियों से हमारी दिनचर्या को नियमित बनाना चाहिए।
सुक्षाव –
1- रोज सुबह बिस्तर से जल्दी उठे ।
2- रोज कोई भी एक सकारात्मनक गतिविधि अवश्य करे।
3- अपने शारिरिक व्यायाम के लिए समय निश्चित करे ।
4- बिस्तर पर जाने की सही वि‍धि का इस्तेरमाल करें जैसे की- (सोने से पहले फोन का ज्यादा देर तक प्रयोग ना करे और ऐसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग न करे)

(2) दूरी रखने के साथ संपर्क में कैसे रहें ?


मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है कि सामाजिक दूरी बनाते हुए अपने अकेलेपन, मानसिक तनाव और अवसाद को अपने अन्दर पनपने न दे, मतलब कि हम सामाजिक दूरी बनाऐं पर समाज से दूरी न बनाऐं।
सुक्षाव –
1- रोज अपने मित्रों, रिश्ते दारों, परिवार के लोगो से फोन से या अन्य सोशल नेटवर्किंग साटस के जरिए बात करें, अपने पडोंसियो से बालकनी से बात करें।
2- अपने अ‍केलेपन / खालीपन के बारे में बात करे, इस तरह छोटी छोटी चर्चाओं से मन को सुकून मिलेगा।

(3) घर में रहने पर परेशानियां भी बढ़ रही हैं।


वर्तमान परिस्थितयों में हम सभी परिवार के साथ बहुत सारा वक्त बिता रहे हैं तथा बाहर कहीं भी ना जा पाने के कारण हमारे मन में एक तरह के अवसाद ने घर करना चालू कर दिया है-
सुझाव-
1- घरेलू कार्य आपस में मिलकर करे।
2- घर के कमरों को कुछ समय के लिए आपस में बाट लें।
3- घर के बच्चोंं की देखरेख का जिम्मा भी आपस में समयानुसार बाट लें।

(4) मन में बुरे विचार क्यों आ रहे हैं?


जैसे कि – व्यापार को लेकर चिन्ता, भविष्यि को लेकर चिन्ता जो लोग नियमों का पालन नही कर रहें है उनके कारण चिड़चिड़ापन और गुस्सा ।
सुझाव–
1- हमे अपने मन को सदैव यह बात समझाना होगी कि जो भी यह भीषण परिस्थितियां हमारे सामने है वह हमने कभी भी नही झेली है, अतः ऐसी परिस्थिति में हमें यह डर लगना, चिन्ताि होना या अकेलापन होना एक सामान्य प्रतिक्रिया है । इसलिए अपने आपको सही दिशा देकर बार बार समझाऐं और संयम रखे।

(5) सोते समय बुरे बुरे ख्याल आते हैं।

समाचार चैनल्स से बार बार एक ही खबर देखने की कोशिश न करे, क्योंकि हम Covid-19 के बारे में पर्याप्‍त जानकारी हांसिल कर चुके हैं। जितना हो सके दिन भर सकारात्मक खबरें ही सुने।

Dr. Bharti Lahoria – Consultant Clinical Psychologist

“विचार मानव जीवन के अमिट भाग हैं, हम सिर्फ इन्हें बदल सकते हैं, मिटा नही सकते”

किसी भी मानसिक समस्या के मनोवैज्ञानिक’ समाधान हेतु आप हमें संपर्क कर सकते हैं –
INN News Special (9424705205)

Report

What do you think?

Written by Aviral Jain

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading…

0

बॉलीवुड अभिनेता इरफ़ान खान ने कहा दुनिया को अलविदा

बच गई धरती, टल गया खतरा, पास से गुजर गया क्षुद्रग्रह