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इंदौर की ‘ट्रैफिक दादी’ का 90 वर्ष की उम्र में निधन, खाकी पहन सड़कों पर जमाती थीं धाक

इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में सड़कों पर खाकी वर्दी पहनकर यातायात संभालने वाली सबसे बुजुर्ग महिला ट्रैफिक वार्डन निर्मला पाठक का निधन हो गया. करीब 90 वर्ष की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली. वे लंबे समय से बीमार थीं. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है.

सीएम कमलनाथ ने व्यक्त किया दुख
सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा ‘इंदौर की सड़कों पर वर्षों तक यातायात सुधार में अपनी सेवाएँ देने वाली बुजुर्ग महिला समाजसेवी निर्मला पाठक के दुःखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएँ। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान व पीछे परिजनो को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे’.

कुछ दिन पहले जब मुख्यमंत्री कमलनाथ को निर्मला पाठक के बीमार होने की जानकारी मिली थी तो, उन्होंने कलेक्टर से फोन पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें सहायता उपलब्ध करवाने के लिए कहा था. उन्होंने कलेक्टर को उनके समुचित इलाज का इंतजाम करने के निर्देश भी दिए थे.

शाहरुख खान ने दिया था सम्मान
आपको बता दें कि ट्रैफिक कंट्रोल करने वालीं पाठक कुछ साल पहले बाथरूम में फिसलकर गिर गई थीं, जिसके बाद वे फिर खड़ी नहीं हो पाईं. शहरवासी उनसे मिलने के लिए लवकुश आवास विहार स्थित निवास पर जाते थे. पुलिस अधिकारियों का भी उसने काफी जुड़व रहा है. वे भी समय-समय पर उनसे मिलने पहुंचते थे. खास बात तो यह रही कि अभिनेता शाहरुख खान ने भी उन्हें अपने एक शो में बुलाकर इंदौर की दादी का खिताब दिया था.

कौन थीं इंदौर की  ट्रैफिक दादी 
निर्मला पाठक ने लंबे समय तक शहर की सड़कों पर यातायात व्‍यवस्‍था संभालकर अपनी अलग पहचान बनाई थी. वे इंदौर के तमाम चौराहों पर खाकी वर्दी पहनकर अपनी सीटी से ट्रैफिक नियंत्रित करती थीं. मूल रूप से मुंबई की रहने वाली निर्मला ने कई साल पहले इंदौर आकर ट्रैफिक सुधार में सक्रिय सहयोग शुरू किया था. लगभग 90 की उम्र में भी उनकी यही कोशिश रहती थी कि वे घर में न बैठें.

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