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क्या राकपा शिवसेना के साथ मिल के सरकार बनाने जा रही है?

  • मुलाकात के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा- पवार महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात को लेकर चिंतित, उनसे इसी संबंध में चर्चा हुई
  • राकांपा प्रमुख शरद पवार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, माना जा रहा है कि वे इसमें समर्थन देने से जुड़ा ऐलान कर सकते हैं
  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मंगलवार रात संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिले, सरकार बनाने को लेकर संघ दखल दे सकता है
  • 9 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा की समयसीमा खत्म हो रही है, तब तक सरकार नहीं बनी तो राष्ट्रपति शासन लग सकता है

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 13 दिन बाद भी सरकार गठन को लेकर स्थिति साफ नहीं है। शिवसेना और भाजपा दोनों मुख्यमंत्री पद को लेकर अड़ी हुई है। बुधवार को शिवसेना सांसद संजय राउत ने राकांपा प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। राउत ने कहा, ‘‘पवार देश और राज्य के बड़े नेता हैं। वे महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात को लेकर चिंतित हैं। इसी संबंध में उनसे चर्चा हुई।’’ पवार आज दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि वे इसमें कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

इससे पहले संजय राउत ने कहा था, ‘‘हमारी ओर से न तो कोई प्रस्ताव आएगा और न जाएगा। जो पहले तय हुआ था उसी पर बात होगी। ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री पद पर चुनाव से पहले सहमति बनी थी। उसी के मुताबिक गठबंधन हुआ था।’’

‘भाजपा-शिवसेना गठबंधन को जनादेश मिला’

मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के घर हुई बैठक के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को जनादेश दिया है। हमने शिवसेना को प्रस्ताव भेजा है और हमें उनकी तरफ से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। हम अगले 24 घंटे तक उनके जवाब का इंतजार करेंगे। हमारे दरवाजे खुले हैं। 

फडणवीस ने संघ प्रमुख से मुलाकात की
राज्य में सरकार गठन को लेकर पैदा हुए गतिरोध के बीच मंगलवार रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। इससे पहले सुबह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के सलाहकार किशोर तिवारी ने संघ प्रमुख को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने भागवत से आग्रह किया है कि वे सरकार गठन को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मध्यस्थता कराएं, ताकि भाजपा और शिवसेना के बीच जारी विवाद का सहमति से हल निकल सके।

‘शिवसेना सामंजस्य की भूमिका में आए’
भाजपा के प्रस्ताव भेजने पर राउत ने कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए लिखित आश्वासन चाहिए। इसके जवाब में भाजपा नेता और प्रदेश के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। हम भारत और पाकिस्तान हैं क्या? हम शिवसेना के इतने दुश्मन बन गए हैं कि एक-दूसरे का कोई मुंह नहीं देखेंगे। शिवसेना को सामंजस्य की भूमिका अपनानी चाहिए।

नहीं आएगी राष्ट्रपति शासन की नौबत: राकांपा
राकांपा प्रवक्ता विधायक नवाब मलिक ने मंगलवार को कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन की नौबत नहीं आने देंगे। यदि शिवसेना ने तय किया तो हम महाराष्ट्र में वैकल्पिक सरकार दे सकते हैं। दरअसल,  राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि राकांपा शिवसेना के साथ मिलकर राज्य में सरकार बना सकती है और कांग्रेस इसे बाहर से समर्थन दे सकती है।

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