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जानें ट्रंप की भारत यात्रा पर क्या कहता है दुनिया का मीडिया

न्यूयॉर्क टाइम्स में ट्रम्प की भारत यात्रा (Trump Visit India) पर पीटर बकर का विशेष आलेख है। इसमें वह कहते हैं कि दुनिया के किसी भी नेता के लिए आजकल ये छह शब्द सांसे थामने वाले होते हैं, ‘राष्ट्रपति ट्रम्प (एयरफोर्स वन से) नीचे आ रहे हैं’।

पूर्व में जब अमरीकी राष्ट्रपति किसी अन्य देश में जाते थे तो सिर्फ राजनयिक, प्रोटोकॉल और राजनीति की बातें होती थीं मगर ट्रम्प की बात दूसरी है। उनके पहुंचने पर सबसे बड़ी चिंता अन्य राष्ट्राध्यक्षों की यह होती है कि ट्रम्प को किस प्रभावित किया जाए और उनका किस तरह मनोरंजन किया जाए।

सबसे पहले इसी पर विचार किया जाता है। ब्रिटेन में महारानी है, इसलिए बकिंघम पेलेस में डिनर की व्यवस्था की जाती है।

ट्रंप को ऐसे खुश करते हैं दुनिया के अन्य देश
फ्रांसिसी उन्हें अपनी मिलिट्री परेड में बुलाते हैं। जापान में राजशाही है और जापानी ट्रम्प को बुलाकर सूमो मैच दिखाते हैं। भारत में नरेंद्र मोदी ने ट्रम्प को खुश करने के लिए उनके पहले प्यार ‘भीड़’ जुटा दी है। सोमवार को अहमदाबाद में रैली स्थल पर एक लाख से ज्यादा लोग थे और इतने ही अन्य एक लाख ट्रम्प के काफिले का स्वागत करने के लिए सड़कों के दोनों ओर खड़े किए गए थे। हालांकि यह भीड़ ट्रम्प के अनुमान दस लाख से काफी कम थी मगर इतनी जरूर थी कि जो उन्हें संतुष्ट कर दे। हालांकि व्हाइट हाउस इस बात से पहले ही इंकार कर चुका है कि ट्रम्प की भारत यात्रा सिर्फ कोई शो नहीं है।

‘नीति और राजनीति का घालमेल’
वाशिंगटन पोस्ट में एनी गैरां और सियंग मिन किम ने ट्रम्प की भारत यात्र से यह निष्कर्ष निकाला है कि दो दिन की यह संक्षिप्त यात्रा में किसी बड़े व्यापार समझौते की संभावना काफी कम है। व्यापारिक रिश्तों में जो तनाव है, उसकी वजह से उसे टाला गया है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी द्वारा ट्रम्प का सम्मान करना है। कार्यक्रम को ‘नमस्ते ट्रम्प’ नाम दिया गया है, जिसका संस्कृत में अर्थ होता है ‘मैं आपको नमन करता हूं।’ वाशिंगटन पोस्ट ने ट्रम्प की भारत यात्रा के लाइव अपडेट्स शुरू किए हैं।

हमेशा की तरह बड़ा मौका : द गार्जियन
द गार्जियन में रोहन वेंकट रामकृष्णन साप्ताहिक न्यूजलेटर ट्रम्प की भारत यात्रा के मायने बता रहा है। इसके अनुसार भारत में किसी अमरीकी राष्ट्रपति की यात्रा सदैव एक बड़ा मौका होती है। अब तक कुल सात राष्ट्रपति ही भारत आए हैं और इनमें पिछले चार तो लगातार आए हैं। खासकर सोवियत संघ के पतन और भारत में उदारवाद आने के बाद अमरीका की रुचि बढ़ी है और रिश्ते सुधरे हैं। ट्रम्प और मोदी का अहमदाबाद में बड़ी भीड़ को संबोधित करना असल में ‘हाउडी मोदी’ का ही रीमेक है। जहां तक सौदों की बात है तो रक्षा सौदों पर बात आगे बढऩे की संभावना है। भारत अपनी नोसेना के लिए 24 हैलिकॉप्टर खरीदने को राजी लगता है।

राजनीतिक दिखावा : अल जजीरा
अलजजीर में तौकीर हुसैन ने अहमदाबाद से ट्रम्प की यात्रा का आकलन किया है। खाड़ी देश के टीवी चैनल की साइट पर इस यात्रा को एक राजनीतिक दिखावा बताया गया है, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने अमरीकी राष्ट्रपति के सम्मान में लाल गलीचा बिछवा दिया है। ट्रम्प ऐसे समय में भारत आ रहे हैं, जब दोनों देश अपने व्यापारिक असहमतियों का हल ढूंढने में विफल रहे हैं।
ट्रम्प चाहते हैं कि अमरीकी सामान के लिए भारत अपने बाजारों को पूरी तरह खोल दे। ऐसे में जब भारत की विकास दर लुढ़क रही है, हिंदू राष्ट्रवादी सरकार ने कुछ सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं और आयात शुल्क बढ़ाया है, इससे ट्रम्प प्रशासन चिढ़ा है और ट्रम्प खुलकर कह चुके हैं कि भारत हमसे अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा।

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