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भारत में कोरोना का बैक गियर, हो सकता है पहले से ज्यादा खतरनाक

किसी कोरोना मरीज़ के ठीक होने के बाद उसके कोरोना से दोबारा संक्रमित होने का मामला पहली बार उसी चीन में सामने आया, जहां से इस बीमारी की शुरुआत हुई थी. चीन के बाद दक्षिण कोरिया में. और अब भारत में भी ऐसा मामला सामने आया है. सवाल ये है कि आखिर कोरोना का ये वायरस बैक गियर क्यों लगा रहा है. क्या कोरोना का ये दूसरा हमला पहले हमले से भी ज़्यादा खतरनाक है?

अभी एक मुसीबत खत्म नहीं हुई है. और कोरोना से जुड़ी इस दूसरी मुसीबत ने ट्रेलर दिखाना शुरु कर दिया है. यानी अभी तक हम कोरोना से निपट रहे थे. मगर अब हमें कोरोना के डबल अटैक के लिए भी तैयार रहना होगा.

क्योंकि दुनिया के दूसरे देशों के साथ साथ कोरोना पार्ट-2 ने भारत पर भी हमला कर दिया है. सोचिए इसके अंजाम कितने खतरनाक हो सकते हैं. क्योंकि ज़्यादा आबादी और कम मेडिकल सुविधाओं की वजह से हमारे लिए पहले ही कोरोना के मरीज़ों का इलाज करना मुश्किल हो रहा है. वहां कोरोना से ठीक हुए मरीज़ अगर दोबारा बीमार पड़ने लगे तो क्या होगा.

जानकारों और कोरोना पार्ट-2 के शिकार हुए मरीज़ों के मुताबिक ये पहले वाले कोरोना से भी कई गुना खतरनाक है. क्योंकि जो कोरोना के मरीज़ों के लक्षण हैं, वो कोरोना पार्ट-2 के मरीज़ों में पाए ही नहीं जाते. उन्हें ना तो बुखार होता है. ना खांसी और ना उनके जोड़ों में दर्द होता है. ऐसे मरीज़ों की पहचान ही करना बहुत मुश्किल है. मरीज़ को इसका अंदाज़ा ही तब लगता है जब या तो उसका दोबारा टेस्ट किया जाए या फिर वो इस वायरस की आखिरी स्टेज पर आ जाए. यानी जब उसे सांस लेना मुश्किल होने लगे. कोरोना वायरस की इस हेराफेरी को समझाने से पहले देखिए कैसे कोरोना पार्ट-2 ने हिंदुस्तान में दस्तक दी है.

मामला दिल्ली से सटे नोएडा का है, जहां कोरोना से संक्रमित दो मरीज़ों के ठीक होने के बाद भी इस वायरस ने बैक-गियर लगा दिया. हुआ दरअसल ये कि इन दोनों मरीज़ों को कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था. मगर उससे पहले तीसरी जांच के लिए एक नमूना लिया जाता है. अगर इसमें कोई दिक्कत नहीं होती है तो भी मरीज़ को सलाह दी जाती है कि वो 14 दिन तक घर में ही रहे. मगर नोएडा में जब इस तीसरी जांच की रिपोर्ट आई तो हड़कंप मच गया. कोरोना पॉज़िटिव से इलाज के बाद निगेटिव पाए गए दोनों मरीज़ों के शरीर में ये वायरस फिर से लौट आया. और उन दोनों मरीज़ों की रिपोर्ट दोबारा पॉज़िटिव आ गई. हालांकि हैरानी वाली बात ये है कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी इन मरीजों में किसी कोरोना संक्रमण के प्रभाव के लक्षण भी नहीं हैं.

कोरोना के वायरस से दोबारा संक्रमित होने के इस हैरान करने वाले मामले के सामने आने के बाद. नोएडा के इन दोनों मरीज़ों को आनन-फानन में दोबारा ग्रेटर नोएडा के जिम्स में भर्ती कर लिया गया और दोनों मरीजों के सैंपल चौथी बार जांच के लिए भेजे गए. नोएडा के सेक्टर 137 और सेक्टर-128 के इन दोनों मरीज़ों का इलाज तो खैर दोबारा शुरु कर दिया गया है. मगर डॉक्टर इससे बेहद कशमकश में हैं. और इसकी वजह तलाशने में जुटे हुए हैं. उधर प्रशासन भी इस बात का पता लगाने में जुटा हुआ है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद ये किन-किन लोगों से मिले. ताकि उन्हें भी फौरन क्वारंटाइन किया जा सके.

डॉक्टर और वैज्ञानिक ये पता कर रहे हैं कि क्या इन मरीज़ों पर कोरोना ने डबल अटैक किया. या फिर ये किसी और वजह से इससे दोबारा संक्रमित हो गए. हालांकि जानकार मान रहे हैं कि दो बार जांच में निगेटिव आने के बाद फिर पॉजिटिव आने का मतलब शरीर में वायरस का दोबारा एक्टिव होना है. ये कैसे हुआ. क्यों हुआ. इसे कहते क्या हैं. ये हम आपको बताएंगे. मगर उससे पहले ये जान लीजिए कि भारत अकेला नहीं है जहां कोरोना से ठीक होने के बाद भी ये वायरस मरीज़ों के जिस्म में दोबारा एक्टिव हो रहा है.

दक्षिण कोरिया में भी हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद मरीज दोबोरा कोविड-19 संक्रमण के शिकार हो रहे हैं. अब तक 100 से ज़्यादा ऐसे मामले सामने सामने आ चुके हैं. जिनमें मरीज पूरी तरह ठीक होने के बाद फिर से कोरोना पॉजिटिव पाए गए. दक्षिण कोरिया की सरकार और डॉक्टर भी कोरोना के इस ट्रेंड से बेहद परेशान हैं. क्योंकि यहां करीब 8 हजार ऐसे लोग हैं जिन्हें कोरोना से ठीक करने के बाद घर जाने की इजाज़त दे दी जा चुकी है. अगर इनमें भी कोरोना का वायरस लौट आया तो मुसीबत इतनी बड़ी होगी कि उसका अंदाज़ा भी नहीं लगाया जा सकता.

चीन में भी करीब डेढ़ हज़ार से ज़्यादा ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें कोविड-19 से ठीक होने के बाद इस वायरस ने मरीज़ के जिस्म में रिवर्स गियर लगा दिया. ऐसे ज़्यादातर मामले चीन के हुबई सूबे और खासकर वुहान में लॉकडाउन खुलने के बाद आए. वहीं कोरोना के बैक-फायर का शिकार हुए मरीज़ों के संपर्क में आए लोग भी कोरोना पॉज़िटिव पाए जा रहे हैं.

कोरोना रिटर्न्स की ये कहानी यकीनन बहुत डरावनी है क्योंकि कोरोना के लक्ष्ण तो हम सबको पता थे. उसी हिसाब से दुनिया इसके बचाव के इंतजाम कर रही थी. सर्दी, खांसी, गला, खराब, बुखार सांस लेने में तकलीफ. यही कोरोना के लक्षण बताए गए थे. मगर इस नई शक्ल में लौटे कोरोना ने एक फिर से दुनिया को मुश्किल में डाल दिया है. क्योंकि इस बार जो नया कोरोना लौटा है वो बिना किसी लक्षण के सामने आया है. मतलब ये कि मान लीजिए कोई कोरोना से संक्रमित है तो उसे खुद भी पता नहीं चलेगा कि वो संक्रमित है और वो जाने अनजाने लोगों को ये इंफेक्शन देता चला जाएगा.

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Written by Bhanu Pratap

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