in , ,

लक्ष्मी अग्रवाल – तेजाब और चीख़

हम बरसो से सुनते आ रहे है कि एक अच्छा व्यक्ति बनने के लिए अच्छा दिल होना जरूरी होता है। लेकिन एक सुन्दर चेहरा पाना हर इंसान की ख्वाहिश होती है। क्या अपने कभी सोचा है कि अगर “कुछ ही पलो के बाद आपके साथ कुछ ऐसा हो जो आपके सुन्दर चेहरे को पूरी ज़िन्दगी के लिए बुरी तरह से बदल दे, तो आपको कैसा लगेगा?” जो सोचकर ही हमारा बुरा हाल हो जाता है अगर वैसी ही कोई घटना किसी के साथ असल जिंदगी में हुई हो तो सोचिये उसकी जिंदगी किस हद तक बदल सकती है? हम बात कर रहे है ऐसी ही एक घटना का शिकार हुई , लक्ष्मी अग्रवाल की । जानिए लक्ष्मी अग्रवाल की नई जिंदगी के बारे में ।

2005 की घटना

 लक्ष्मी का जन्म 1 जून,1990 को नई दिल्ली में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। यह घटना तब की है जब लक्ष्मी सिर्फ 15 साल की थी और सातवीं क्लास में पढ़ती थी। तब 32 साल का एक युवक, जिसका नाम नाइम खान है वह लक्ष्मी से शादी करना चाहता था। लेकिन लक्ष्मी ऐसा कुछ नहीं चाहती थी, तत्पश्चात उसने युवक से शादी करने से इनकार कर दिया। वो युवक अक्सर लक्ष्मी का पीछा करता था । 22 अप्रैल 2005 की सुबह खान मार्केट, नई दिल्ली में लक्ष्मी एक बुक स्टोर पर जा रही थी कि वह युवक अपने छोटे भाई की गर्लफ्रेंड के साथ आया और उसने लक्ष्मी पर तेजाब फेंक दिया। इस घटना के कुछ वक्त बाद लक्ष्मी के पिता और भाई दोनों चल बसे।

लक्ष्मी कहती है कि “जिस वक्त मेरे ऊपर तेजाब फेंका गया, उस वक्त ऐसा लगा जैसे मेरे पूरे शरीर पर किसी ने आग लगा दी हो । एसिड से जलकर मेरी पूरी स्किन मोम की तरह टपकने लगी ।”

Related image

साल 2006 में लक्ष्मी ने एक पीआईएल डालकर सुप्रीम कोर्ट से एसिड बैन करने की मांग की । उनकी जनहित याचिका में नए कानून के उल्लंघन या अपराध से निपटने के लिए आईपीसी, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और सीआरपीसी जैसे मौजूदा आपराधिक कानूनों में संशोधन के अलावा मुआवजे की मांग की गई थी। उन्होंने देश भर में महिलाओं पर इस तरह के हमलों की बढ़ती संख्या का हवाला देते हुए, एसिड की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी अपील की थी। 2013 में, सुप्रीम कोर्ट ने लक्ष्मी की याचिका के पक्ष में फैसला सुनाया, जिससे एसिड की बिक्री पर प्रतिबंध का एक नया सेट बना। नए नियमों के तहत, 18 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को एसिड नहीं बेचा जा सकता है। एसिड खरीदने से पहले एक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना भी आवश्यक है ।

Related image

इस हादसे ने लक्ष्मी के जीवन को पूरी तरह से उजाड़ दिया था । मगर कुछ ही  वक्त के बाद उसने अपनी हिम्मत दिखाई  और अपने व्यवसाय की शुरुआत एसिड अटैक सर्वाइवर अभियान से की । जिसके चलते वह दुनिया भर के एसिड अटैक सर्वाइवर की आवाज बन गई, जिसके कारण दुनियाभर में एसिड अटैक सर्वाइवर अभियान और लक्ष्मी को जाना जाने लगा । उन्हें भारत में कई पुरस्कार मिले। साथ ही उन्हें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा द्वारा 2014 में इंटरनैशनल वुमन ऑफ करेज अवॉर्ड से सम्मानित की गई ।

अभी की जिंदगी

सामान्यतः एसिड अटैक के बाद चेहरे की लगभग 70-80 सर्जरी होती है लेकिन लक्ष्मी खुशकिस्मत है कि उनकी सर्फ 8 ही सर्जरी हुई । चार साल पहले ही लक्ष्मी ने आलोक दीक्षित के साथ लिव इन में रहने का फैसला किया था । आलोक एसिड अटैक  सर्वाइवर के लिए काम करते है । उनकी एक बेटी है जिसका नाम पीहू है । लेकिन अब लक्ष्मी और आलोक साथ नहीं है । पीहू अब लक्ष्मी के साथ रहती है ।

Related image

छपाक

हाल ही में लक्ष्मी की बायोपिक छपाक बनी है, जो कि 10 जनवरी, 2020 को रिलीज हुई है ।इसे मेघना गुलजार डायरेक्ट कर रही हैं। दीपिका पादुकोण लक्ष्मी का किरदार निभा रही हैं और इसे प्रड्यूस भी कर रही हैं। गर्व की बात यह है कि  आज लक्ष्मी कई लोगों की प्रेरणा का स्त्रोत हैं।

Outbound links:-

  1. https://navbharattimes.indiatimes.com/movie-masti/interviews/deepika-in-chhapaak-the-inspiring-story-of-acid-attack-survivor-laxmi-agarwal/articleshow/68589759.cms
  2. https://aajtak.intoday.in/story/know-about-the-acid-attack-survivor-laxmi-agarwal-tlif-1-1151220.html
  3. https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%80_%E0%A4%85%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2

Report

What do you think?

Written by Pooja Patidar

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading…

0

नया डेथ वॉरंट – चारों दुष्कर्मियों को 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी होगी, राष्ट्रपति ने दोषी मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी थी

इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने कहा- राहुल गांधी पांचवीं पीढ़ी के राजवंशी, केरल ने उन्हें चुनकर विनाशकारी काम किया