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म्यांमार: जेड खदान में हुए भूस्खलन में अब तक 160 से ज्यादा की मौत, लापता लोगों की तलाश जारी

म्यांमार में भारी बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। यहां के कचिन राज्य में एक जेड खदान में हुए भूस्खलन में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि अब भी कई अन्य लापता हैं। मानसून की बारिश की वजह से गुरुवार सुबह 8 बजे उत्तरी म्यांमार के हापाकांत टाउनशिप में जेड खनन स्थल पर लैंडस्लाइड हुआ। मलबे से 162 शव निकाले जा चुके हैं।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कचिन राज्य के हापाकांत क्षेत्र में लापता लोगों के लिए बचाव कार्य गुरुवार को पूरे दिन जारी रहा। अभी भी कई लोगों के लापता होने की सूचना है। अग्निशमन विभाग ने कहा, भारी बारिश के कारण चट्टान टूटने से कीचड़ फैल गया है।

देश के अग्निशमन विभाग ने अपने एक फेसबुक पोस्ट (बर्मीज) में कहा है, जेड माइनर्स भारी बारिश से फैले कीचड़ की लहर के कारण दब गए थे। 162 लोगों के शव निकाल लिए गए हैं और 54 घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया। अभी भी लापता लोगों की संख्या से संबंधित कोई आंकड़ा पेश नहीं किया गया है।

कचिन राज्य के सामाजिक मामलों के मंत्री दाशी ला सेंग ने बताया, सब अचानक हुआ, भारी मात्रा में कीचड़ के साथ बारिश का पानी गड्ढे में चला गया। यह सुनामी जैसा था। बचाव कार्य के दौरान भी पूरे दिन भारी बारिश जारी रही।

पुलिस ने कहा,  बुधवार को क्षेत्र में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई थी और लोगों को काम न करने के लिए कहा गया था, हालांकि उसके बाद भी लोग काम करने गए, वहीं कुछ ने वहां न जाकर अपनी जान बचा ली। एक मजदूर माउंग खैंग (38) ने मीडिया को बताया, उसने मलबे के ढेर को करीब से गिरता देखा और लोग भागो-भागो चिल्ला रहे थे।

म्यांमार दुनिया में जेड का सबसे बड़ा स्रोत है। वहीं कचिन राज्य में अक्सर घातक भूस्खलन होते रहते हैं, जिसे जेड भूस्खलन के तौर पर जाना जाता है। ऐसी घटनाएं विशेष रूप से हापाकांत खनन क्षेत्र में होती हैं। इससे पहले नवंबर 2015 में इस क्षेत्र में एक बड़ा भूस्खलन हुआ था, जिसमें करीब 116 लोग मारे गए। 

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