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इंदिरा गांधी को लेकर दिए बयान पर अब राउत की सफाई, कहा- वे पठान नेता के तौर पर डॉन करीम लाला से मिलती थीं

  • शिवसेना नेता संजय राउत ने एक इंटरव्यू में कहा था- इंदिरा गांधी डॉन करीम लाला से मिलने जाया करती थीं
  • अब सफाई में राउत ने कहा-इंदिरा, करीम लाला से एक पठान नेता के तौर पर मिलती थीं, मैं उनका सम्मान करता हूं

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और डॉन करीम लाला के बीच मुलाकात को लेकर दिए बयान पर गुरुवार को शिवसेना सांसद संजय राउत ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से एक पठान नेता के तौर पर मिलती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि मैं पूर्व प्रधानमंत्री जवारलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का सम्मान करता हूं। एक मराठी अखबार को दिए इंटरव्यू में राउत ने कहा था कि इंदिरा गांधी, करीम लाला से और मैं दाउद इब्राहिम से मुलाकात कर चुका हूं। 

पूर्व सीएम ने कांग्रेस नेताओं से मांगा जवाब

संजय राउत के इस बयान की मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने आलोचना की।  उन्होंने कहा- इंदिरा गांधी सच्ची देशभक्त थीं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी राउत के बयान पर कांग्रेस नेताओं से जवाब देने की मांग की है। इसके बाद गुरुवार को अपनी सफाई में राउत ने कहा, ‘करीम लाला से सभी राष्ट्रीय नेता आकर मिलते थे। वो अफगानिस्तान से आए पठानों के नेता थे और उनकी समस्या जानने के लिए नेता उनसे मिलते थे। इंदिरा गांधी जी भी एक पठान नेता के तौर पर उनसे मिलती थीं। उन्होंने आगे कहा कि करीम लाला के दफ्तर में कई नेताओं की फोटो भी लगी थी। खान अब्दुल गफार खान के साथ भी करीम लाला काम करते थे।

कांग्रेस नेताओं ने राउत को घेरा था
राउत के बयान पर कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा, ‘बेहतर होगा कि शिवसेना के मि. शायर दूसरों की हल्की-फुल्की शायरी सुनाकर महाराष्ट्र का मनोरंजन करते रहें। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के खिलाफ दुष्प्रचार करेंगे तो उन्हें पछताना पड़ेगा। उन्होंने इंदिरा जी के बारे में जो बयान दिया है वो वापस ले लें।’

मैं मौत और जेल से कभी नहीं डरा: संजय राउत

  • संजय राउत ने इंटरव्यू में कहा था, ‘आज अंडरवर्ल्ड में चिंदीगिरी होती है। हमने अंडरवर्ल्ड का वो समय देखा है, जब डॉन हाजी मस्तान मंत्रालय पहुंचता था तो लोग उसके स्वागत में बाहर आकर खड़े हो जाते थे। देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी मुंबई के पहले डॉन करीम लाला से पायधुनी इलाके में मिलने जाती थीं।’
  • ‘अगर इंसान में हिम्मत हो तो सामने भले ही प्रधानमंत्री हो या गृहमंत्री हो उसे कुछ भी फर्क नहीं पड़ता। मैं मेरी अब तक की जिंदगी में मौत और जेल से कभी भी नहीं डरा हूं। कुछ लोग तो मुझे गुंडा कहते हैं लेकिन मुझे बुरा नहीं लगता क्यों कि यह मेरे काम करने का तरीका है।’
  • ‘मुंबई में एक वक्त ऐसा था कि शहर में अंडरवर्ल्ड चलता था। अब उसका अस्तित्व ही नहीं रहा। पहले मुख्यमंत्री कौन होगा, सरकार किस की आएगी यह अंडरवर्ल्ड तय करता था। ऐसे वक्त मैंने अंडरवर्ल्ड के कई लोगों को देखा है। मैंने दाऊद से लेकर सब की तस्वीरें निकाली है। मौजूदा समय में दाऊद को देखे हुए, उस से बात किए हुए बहुत कम लोग है लेकिन मैं ने दाऊद को देखा है और उस से बात भी की है। इतना ही नहीं मैंने उसे एक बार फटकारा भी था।’

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