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CAA पर कांग्रेस एक और झटका: ममता-मायावती के बाद अब AAP ने किया विपक्षी दलों की बैठक से किनारा

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में प्रदर्शनों के बीच साझा रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने समान विचारधारा वाली सभी विपक्षी पार्टियों को सोमवार को एक बैठक के लिए आमंत्रित किया है। आज दोपहर दो बजे विपक्षी दलों की बैठक होगी, जिसमें नागरिकता कानून, जेएनयू हिंसा और देश के राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी। मगर उससे पहले कांग्रेस की अगुवाई वाली विपक्षी एकता की कवायद को बड़ा झटका लगा है। इस बैठक में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी शामिल नहीं होगी। 

नागरिकता कानून को लेकर विपक्षी दलों की कवायद को यह तीसरा झटका है। इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती भी बैठक में शामिल न होने का ऐलान कर झटका दे चुकी हैं। बता दें कि सीएए के खिलाफ एक संयुक्त रणनीति बनाने के लिए और छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बरता के विरोध में सभी विपक्षी दल आज दोपहर दो बजे संसद उपभवन में बैठक करेंगे।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने बैठक में शामिल होने से इंकार कर दिया है। इनके अलावा उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने भी बैठक में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सभी विपक्षी राजनीतिक दल इस बैठक में शामिल होंगे।

समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के नए गठबंधन साझेदार शिवसेना बैठक में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) ने पहले ही सीएए और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को वापस लेने की मांग की है। सीडब्ल्यूसी के इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते ही कांग्रेस शासित राज्य इस संकल्प को अपना सकते हैं।

सीएए के खिलाफ जब विपक्षी दल राष्ट्रपति के पास गए थे, उस वक्त भी बसपा उनके साथ नहीं थी। हालांकि पार्टी ने बाद में इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भेंट की थी।

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Written by Bhanu Pratap

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