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राजनाथ रूस यात्रा पर रवाना, ‘घातक’ S-400 मिसाइल सिस्टम के समय पर डिलिवरी के लिए देंगे जोर

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन से जारी तनातनी के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह आज रूस के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना हुए। रक्षा मंत्री मॉस्को में आयोजित विजय दिवस परेड में शामिल होंगे। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत की जीत की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह दौरा भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा गतिरोध के मध्य में हो रहा है। जानकारी के मुताबिक इस दौरान राजनाथ सिंह भारत-रूस रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर बातचीत करेंगे। माना जा रहा है रक्षा मंत्री एस-400 मिसाइल सिस्‍टम की जल्‍द आपूर्ति समेत कई रक्षा सौदों को लेकर चर्चा कर सकते हैं।

गौरतलब है कि रूस की विक्ट्री डे परेड के 75 साल पूरा होने पर कार्यक्रम में चीन के प्रतिनिधि और मंत्री की भी मौजूदगी रहेंगे। हालांकि राजनाथ सिंह का उनसे मुलाकात की कोई योजना नहीं है।

मास्‍को की तीन दिन की यात्रा पर रवाना होने से पहले आज ट्वीट कर अपनी यात्रा मकसद भी बताया है। उन्‍होंने कहा, रूस की यात्रा से मुझे भारत-रूस रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर बातचीत करने का अवसर मिलेगा। मैं मास्को में 75 वें विजय दिवस परेड में भी शामिल होऊंगा।

पहले यह परेड मई में होने वाली थी। इस परेड में शामिल होने के लिए भारत की तीनों सेनाओं के 75 सदस्य पहले ही रूस पहुंच चुके हैं। परेड में रूस और अन्य सेनाओं के साथ भारतीय सेना के जवान भी हिस्सा लेंगे। वीर सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के बड़े रैंक के अधिकारी द्वारा परेड में हिस्सा लेने वाली टुकड़ी का नेतृत्व किया जा रहा है। इस दौरान कई देशों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे, जहां रूसी विदेश मंत्री सभी का स्वागत करेंगे।

गौरतलब है भारत और चीन के बीच एलएसी पर तकरीबन डेढ़ महीने से तनाव जारी है। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीन के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों शहीद हो गए थे जबकि चीन के 43 सैनिक हताहत हुए थे। इस घटना के बाद भारत ने चीन से लगती सीमा पर अग्रिम इलाकों में लड़ाकू विमानों और हजारों की संख्या में अतिरिक्त सैनिकों को पहले ही तैनात कर दिया है।

राजनाथ अपनी यात्रा के दौरान चीन और भारत के सीमा तनाव पर रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू को जानकारी देंगे। वहीं, इस दौरान राजनाथ सिंह की चीनी अधिकारियों से मुलाकात नहीं होगी। उधर, कोरोनावायरस महामारी के बीच किसी भी भारतीय नेता की यह पहली विदेश यात्रा है।

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