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सेबी ने क्राइम ब्रांच को सौंपी 22 ब्लैक लिस्टेड कंपनियों की लिस्ट, जांच होगी

  • इंदौर में 100 से ज्यादा फर्जी एडवाइजरी कंपनियां घेरे में.
  • धमकाने वाले 6 लोगों की पहचान, पूछताछ के लिए बुलाएगी क्राइम ब्रांच.

एडवाइजरी कंपनी के फरार संचालकों से सेटलमेंट करने के लिए शिकायतकर्ता निवेशकों को धमकी देने वाले छह बिचौलियों को क्राइम ब्रांच ने चिह्नित किया है। ये लोग जहां कंपनियों से निवेशकों को रुपए दिलाने का झांसा देते थे, वहीं संचालकों से भी रुपए लेते थे। इधर, सेबी ने 22 ब्लैक लिस्टेड एडवाइजरी कंपनियों की सूची क्राइम ब्रांच को सौंपी है। क्राइम ब्रांच एएसपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि शहर में 100 से ज्यादा फर्जी एडवाइजरी कंपनियां हैं।

इनमें से अधिकांश की हम निगरानी कर रहे हैं। जिन भी निवेशकों ने सेबी के पोर्टल पर शिकायतें की हैं, उन सभी पीड़ितों की जानकारी ली जा रही है। सूत्रों की मानें तो विजय नगर में संचालित एडवाइजरी कंपनियों के निवेशकों को धमकाने में सुनील राठौर, विवेक झा, संजय वैद, प्रशांत मिश्र और दो अन्य लोग हैं। इन्होंने केस दर्ज होने या सेबी पर शिकायत मिलने के बाद निवेशकों को धमकाया है। इन्हें भी जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि क्राइम ब्रांच को कोई लिखित शिकायत इनके खिलाफ नहीं मिली है, लेकिन शहर से बाहर के कई निवेशकों ने इनके नामों का जिक्र किया है।

ब्लैक लिस्टेड कंपनियों मेंे निवेश न करने की सलाह

इधर, ब्लैक लिस्टेड कंपनियों की शिकायतों की जांच के लिए एएसपी राजेश दंडौतिया को नोडल अधिकारी बनाया गया है। एएसपी ने बताया कि एडवाइजरी कंपनियों के खिलाफ अन्य प्रदेशों के कई पीड़ित लगातार शिकायत करने आ रहे हैं। सर्वाधिक पीड़ित और बड़ी राशि से घाटा खाने वालों में गुजरात के लोग हैं। सेबी से हमें जिन 22 ब्लैक लिस्टेड कंपनियों की सूची मिली है, उनमें कैपिटल ट्रू फाइनेंशियल सर्विस, झोडी रिसर्च, हाईब्रो मार्केट रिसर्च, ट्रेड ब्रिज रिसर्च, प्रीमियम रिसर्च फाइनेंशियल सर्विस, प्रीमियम कैपिटल सर्विस, एमआई रिसर्च, स्टार इंडिया मार्केट रिसर्च, कैपिटल हीड फाइनेंशियल रिसर्च, कोर इनवेस्टमेंट रिसर्च, कोर ग्रुप, स्मार्ट ट्रेड्स, थ्री एम टीम रिसर्च, रिसर्च इन्फोटेक, ट्रेड इंडिया रिसर्च, एपिक रिसर्च, मनी क्लासिक, रिपल्स एडवाइजरी प्रालि, मनी डिजायर, द यूकॉम फाइनेंस रिसर्च, प्रॉफिट गुरु और इन्वेस्ट मार्ट लिमिटेड कंपनियां शामिल हैं। इस नाम की कंपनियों को लेकर क्राइम ब्रांच एडवाइजरी भी जारी कर रही है कि इन नामों से कोई भी निवेश एडवाइज न ले। ये सभी ब्लैक लिस्टेड हैं।

वेलवेट पेंसिल के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी की, गिरफ्तार

इधर, वेलवेट पेंसिल के नाम पर लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस ने रविवार रात को गिरफ्तार किया है। उसे 12 मार्च तक का रिमांड पर लिया है। आरोपी का नाम रवदीप सिंह निवासी अहमदाबाद है। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह अहमदाबाद से जमानत करवाने के लिए इंदौर आया है, तभी उसे पकड़ लिया। उसके खिलाफ शंकर बाग छावनी निवासी ऋषभ सिलावट व अन्य लोगों ने धोखाधड़ी की शिकायत की थी। रवदीप ने पिछले तीन माह में कई लोगों को वेलवेट कोटिंग पेंसिल बनाने के नाम पर व्यापार देने के नाम पर मोटी रकम ली।

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