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इंदौर में आरएसएस की 5 दिन की बैठक शुरू, ग्रामीण इलाकों और बंगाल में संघ के विस्तार पर चर्चा होगी

  • नागरिकता कानून को लेकर संघ के जागरुकता अभियान समेत कई मुद्दों पर मंथन होगा
  • मौजूदा राजनीतिक स्थितियों को देखते हुए संघ की इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की 5 दिवसीय बैठक गुरुवार को इंदौर में शुरू हुई। इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल हुए। संघ का फोकस ग्रामीण इलाकों और पश्चिम बंगाल में शाखाओं के विस्तार पर होगा। बंगाल में दो साल में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रचार अभियान की कमान संभालने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मौजूदा राजनीतिक स्थितियों को देखते हुए संघ की बैठक को अहम माना जा रहा है। चूंकि इंदौर संघ के मालवा प्रांत का मुख्यालय है, इसलिए बैठक यहां हो रही है। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती 3 दिन अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक होगी, जबकि एक दिन सभी 56 आनुषंगिक संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ बैठेंगे। मध्यक्षेत्र की इकाई के विभाग प्रचारकों की बैठक का भी एक सत्र होगा।

कई बड़े नेता होंगे शामिल
बैठक के अंतिम चरण में भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी जेपी नड्डा, कैलाश विजयवर्गीय, बीएल संतोष, राम माधव, पी.मुरलीधर राव, अनिल जैन, डाॅ. विनय सहस्त्रबुद्धे, भूपेंद्र यादव, वी.सतीश, शिव प्रकाश, सौदान सिंह, थावरचंद गेहलोत, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, प्रकाश जावड़ेकर में से कुछ के आने की संभावना है।

पांच दिन के लिए बिंदु तीन

  • संघ प्रमुख भागवत प्रबुद्धजनों से भी संवाद करेंगे। सीएए पर संघ के जागरुकता अभियान को लेकर लंबी चर्चा होगी। स्वयंसेवकों की भूमिका तय की जाएगी, ताकि सरकार संघ के एजेंडे पर काम करने में आ रही दिक्कतें दूर कर सके।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में शाखाओं का विस्तार कैसे हाे, इस पर मंत्रणा होगी। दरअसल, गांवों में संघ का जनाधार मजबूत हो रहा है, इसलिए पार्टी वहां शाखाओं के विस्तार पर काम करेगी।
  • भाजपा का जनाधार हरियाणा, झारखंड समेत कई चुनावों में घटा है। अब दिल्ली, बिहार में चुनाव हैं। इसलिए संघ चिंतित है कि यहां भी झारखंड जैसा हाल न हो। प. बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले संघ खुद को मजबूत करना चाहता है।

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