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हनी ट्रैप – महिला आरोपियों के वकील ने कोर्ट से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मांगे, पुलिस ने कहा- सीएफएसएल जांच के लिए हैदराबाद भेज दिए

  • कोर्ट में पेश चालान में हरभजन, आरती दयाल, मोनिका के बीच वाट्सऐप चैटिंग के अंश भी हैं
  • आरोपी महिलाओं को अन्य शहरों का निगम अधिकारी बताकर होटल में ठहराता था हरभजन
  • चालान में साक्षी भटनागर के बयान भी, इसमें भाजपा विधायक के साथ शारीरिक संबंध बनाने की बात

हनी ट्रैप मामले में जिला कोर्ट में चालान पेश होने के बाद कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। मामले में पुलिस ने कोई भी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य- वीडियो अथवा ऑडियो, पेन ड्राइव चालान के साथ पेश नहीं किया है। अब जेल में बंद महिला आरोपियों के वकील ने कोर्ट में आवेदन लगाकर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मांगे हैं। 


पुलिस ने 16 दिसंबर को कोर्ट में हनी ट्रैप मामले में 390 पेज का चालान पेश किया था। इसमें निगम इंजीनियर हरभजन सिंह की रिपोर्ट पर मोनिका, श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, आरती दयाल, मोनिका यादव आदि को आरोपी बनाया गया है। चालान में दो आरोपी फरार बताए गए हैं। चालान के साथ पुलिस ने मामले से जुड़े वीडियो और ऑडियो क्लीपिंग पेश नहीं की है। हालांकि हरभजन सिंह और महिला आरोपियों के मध्य हुई बातचीत के लिखित अंश चालान के साथ पेश किए गए हैं। इस पर आरोपियों की ओर से वकील धर्मेन्द्र गुर्जर ने कोर्ट में आवेदन पेश कर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने का निवेदन किया है। इस पर पुलिस की ओर से कोर्ट में जवाब पेश कर बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्देश के तहत सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सीएफएसएल जांच के लिए हैदराबाद भेजे गए हैं। इस आवेदन पर कोर्ट 30 दिसंबर को आदेश सुनाएगा। 


हरभजन खुद बुक कराता था होटल
पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश चालान के अनुसार फरियादी इंदौर नगर निगम इंजिनियर हरभजन सिंह आरोपी महिलाओं को निगम का अधिकारी बताकर बड़ी होटल में ठहराता था। हरभजन खुद इनके लिए कमरे बुक करता था और इंदौर नगर निगम के अधिकारी के रूप में इन महिलाओं से मिलने होटल भी जाता था। कोर्ट में पेश चालान में होटल रिसेप्शनिस्ट ने इसकी पुष्टि की है।


पांच डायरी: अफसरों के नाम व ट्रांसफर की लिस्ट कोडवर्ड में
चालान में उल्लेख है कि श्वेता विजय के घर से 5 डायरी मिली हैं। इनमें जमीनों के सौदे, लेनदेन का हिसाब, अफसरों के नाम कोडवर्ड में लिखे हैं। इनके ट्रांसफर कराने की जानकारी भी लिखी है। एक गुलाबी रंग की डायरी में विभिन्न लोगों से बने अंतरंग संबंध के वीडियो के आधार पर वसूले गए रुपयों का उल्लेख है। हर रकम के सामने कोडवर्ड में अफसरों के नाम भी लिखे गए हैं। उनके नाम के पहले अक्षर का इसमें उल्लेख किया है। इसी डायरी में यह भी लिखा है कि आरती की इच्छाएं क्या-क्या हैं।


भाजपा विधायक ने बनाए थे शारीरिक संबंध 
पुलिस ने चालान में चारू उर्फ साक्षी भटनागर के बयान भी पेश किए हैं। बयान के मुताबिक श्वेता विजय जैन ने उसे भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी के पास एक फ्लैट पर भेजा था। साक्षी को पता नहीं था कि विधायक के साथ उसका वीडियो बनाया जा चुका है। साक्षी की प्रीति सिंह नामक मित्र थी जो श्वेता विजय की परिचित थी। उसने श्वेता के बारे में प्रीति से ही सुना था।


साक्षी ने बयान में उल्लेख किया है कि करीब दो साल पहले की बात है मुझे दिन याद नहीं। सुबह 11 बजे एक अजनबी व्यक्ति का फोन आया। उसने कहा तुम्हें पैसों की जरूरत है मुझे पता है। मैं मदद कर सकता हूं। तत्काल औरा माॅल के पास आकर मिलें। मेरे घर के पास ही माॅल था तो मैं चली गई। वह मुझे मिला, उसने कहा- मैं किसी विशेष व्यक्ति का पीए हूं। उसने कहा कि उसके पास एक काम है मेरे लिए। इसके लिए मुझे 15 हजार रुपए ऑफर किए। उसने मुझसे कहा कि मेरे बाॅस से शारीरिक संबंध बना लो।

आर्थिक तंगी के चलते मैं तैयार हो गई। माॅल के पीछे जो फ्लैट्स हैं उसमें से किसी एक फ्लैट में गई थी। उस व्यक्ति ने फ्लैट पर ले जाते हुए बताया कि जिससे मिलने जा रही हो उसका नाम नारायण त्रिपाठी है, जो भाजपा से जुड़े हैं। मैने उस दिन पहली बार त्रिपाठी को देखा था। मैं फ्लैट पहुंची तो त्रिपाठी वहां पहले से मौजूद थेे। मैं आधा घंटा वहां रूकी। शारीरिक संबंध बनने के बाद त्रिपाठी ने मुझे 15 हजार रुपए दिए। मुझे पता नहीं था कि उस दिन त्रिपाठी के साथ मेरा वीडियो बनाया गया है। मैं श्वेता विजय, श्वेता स्वप्निल व आरती दयाल को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानती। मेरा बरखा भटनागर से कोई रिश्ता नहीं है।


वीडियो भेज 2 कराेड़ मांगे ताे प्राॅपर्टी देने काे तैयार हाे गए थे हरभजन 
हनी ट्रैप मामले में पुलिस ने साेमवार काे जाे चालान पेश किया, उसके साथ निगम इंजीनियर और आरती दयाल के बीच माेबाइल पर हुई चैटिंग और बातचीत का भी जिक्र किया है। इसमें हरभजन काे आराेपियाें द्वारा हाेटल में बने वीडियाे की क्लिपिंग भेजने से लेेकर दाे कराेड़ रुपए मांगे जाने का जिक्र है। दस्तावेज के अनुसार, आराेपियाें द्वारा कैश मांगने पर हरभजन ने प्राॅपर्टी लेने पर जाेर दिया। हरभजन व आरती दयाल की 27 मिनट की बातचीत के मुख्य अंश-


पहली रिकाॅर्डिंग : जो वीडियो भेजा, अब उसे भेजने की जरूरत नहीं…
आरती : हैलो…
हरभजन : हां, बोलो। असल में कल जब तुमने जो भेजा था ना, तो यार हम लोग कहीं फैमिली फंक्शन में थे। वो पूरा लोड नहीं हुआ। तुमने उसे डिलीट कर दिया ठीक है। पर वो भी ठीक है। अब उसे भेजने की जरूरत नहीं है। मैं मानता हूं तुम्हारे पास कुछ होगा। कुछ भी तुमने जो चीज की है… कर ही ली है। मैं इसमें कुछ नहीं कहूंगा।
आरती : हां, हां हम दिखा देंगे सामने दिखा देंगे।
हरभजन : हां, अब अच्छा दूसरा मैं यह कह रहा था कि कैश पूरा नहीं होता। जब तुम दो करोड़ का बतला रहे हो ताे मैंने तो कई जगह बातें की।
आरती : हूं…हूं
हरभजन : तो नहीं होगा। उसका कुछ अल्टरनेटिव है। तुमने बाकी लोगों से किया था कि वह कैश में ही लिया है या कुछ प्रॉपर्टी ली है।
आरती : कैश।
हरभजन : मैं प्रॉपर्टी दे सकता हूं।
आरती : कैश।
हरभजन : मेरा मतलब है तुम अब जितना मांग रही हो, बाकी लोगों से इतना तो नहीं लिया होगा।
आरती : आपसे जो बोला है सर, एक्चुली में बहुत कम बोला है। मैं आपको बताऊूंगी डिटेल कि मैंने कैसे क्या किया था? जब आप मिलेंगे तो मैं बात करूंगी आपसे।
हरभजन : एक दिन आ जाओ। अपन लोग बैठकर बातें कर लें। इसके बाद फिर पैैसा तुम्हारा हम भोपाल लेकर आ जाएंगे। अगर तुमको इंदौर में कोई प्रॉब्लम हो तो जितना भी होगा देंगे बाकी…
आरती : नहीं, मुझे कहीं भी प्रॉब्लम नहीं है। न इंदौर न भोपाल में।
हरभजन : मैं तुमको फोन करके बता दूंगा डेट।
आरती : आज, कल और परसों दो दिन सरकारी प्रोग्राम है।
हरभजन : आज, कल और परसों दो दिन रहेंगे तो मैं हो सकता है परसों बता दूंगा। एक बार अल्टरनेटिव पर भी बात कर लेंगे। कैश के साथ।
आरती : हां वही मैं सोच रही थी कि नवरात्रि से पहले पहले वो मैटर निपटा दो। क्यों फालतू में लंबा खींचना चीजों को।
हरभजन : दूसरा मैं यह कह रहा था कि अब कोई क्लिप भेजने की जरूरत नहीं है। वो देखो जो तुमने करना था, कर लिया।
आरती : नहीं, बिलकुल नहीं सर।
हरभजन : तुमने ले लिया वो सब।
आरती : मुझे क्या करना था सर?
हरभजन : ट्रांसपरेंसी में जो जो करना है करलें मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मैं यह कहना चाह रहा हूं कि उस चीज को अब मत भेजना।
आरती : हां-हांं, हमें क्या लेना-देना? फिर उससे हमें तो कोई आपसे दुश्मनी थोड़ी ना है हमारी।
हरभजन : पर मैं फिर कह रहा हूं दो करोड़ रुपए बहुत ज्यादा है। तुमको किसी ने गलत जानकारी…
आरती : नहीं-नहीं, बिलकुल नहीं। अमाउंट को कम मत करना। इससे कम में तो काॅम्प्रोमाइज हो नहीं पाएगा।
हरभजन : मैं तुमको फोन करके बता दूंगा क्या है और कैसे-कैसे।
आरती : ठीक है।
हरभजन : और मैं चाह रहा था कि फोन ना बातें कम से कम हों।
आरती : मैं भी यही चाहती हूं। सर आप मुझे बता दें तो टाइम सेट कर आ जाऊंगी।
हरभजन : ठीक है फिर मैं शाम तक फोन करके आपको टाइम बताता हूं।
आरती – कल शाम तक बता ही देना ठीक है।


दूसरी रिकाॅर्डिंग : श्वेता को मत बताना, सब जगह गा देगी…
आरती : हैलो, मैं बोल रही थी कि श्वेता को आप कुछ भी मत बताना। नहीं तो पूरे में गा देगी वाे इंदौर, भोपाल में सब जगह। आपने कुछ बताया क्या उनको?
हरभजन : नहीं, तुम्हारी कसम मैंने कोई बात किसी से नहीं की।
आरती : क्योंकि मेरे पास कॉल आया था। मैंने डिस्कस किया नहीं।
हरभजन : नहीं बोलूंगा मैं पूजा में बैठा हूं। उससे मेरी कोई बात नहीं हुई।
आरती : नहीं सर, मुझे कोई प्राब्लम नहीं।
हरभजन : एक-दो दिन में प्रोग्राम चेंज हो तो पहली किस्त के दूंगा। बस दो करोड़ वाला पार्ट बहुत ज्यादा हो रहा है।
आरती : नहीं-नहीं, उसमें कोई चेंज नहीं
हरभजन : जो तुमने वीडियो बनाया है। उसकी थोड़ी सी क्लिप ले आना। मैं भी देख लूंगा।
आरती : हां-हां, मैं ले आऊंगी।
हरभजन : वो वीडियो कहीं लिंक मत करना। मीडिया में वायरल मत कर देना, क्योंकि वो तुम्हारा-मेरा वीडियो है। तुम्हारी भी बदनामी वाली बात रहती है।
आरती : नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है।

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