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पूजा के सुसाइड, 10 करोड़ के चेक और 1 करोड़ रु. देने वाले आईएएस अफसर के नाम पर चुप्पी

  • जिन अफसरों व प्रभावशाली लोगों के ऑडियो-वीडियो मिले,  चार्जशीट में उनके नामों का जिक्र तक नहीं हुआ
  • आरती दयाल के घर से मिले तबादलों, सरकारी योजनाओं और जमीन के सौदों के कई दस्तावेजों का भी खुलासा नहीं.

हनी ट्रैप से जुड़े मानव तस्करी मामले में शनिवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि श्वेता विजय जैन से जुड़ी एक महिला ने सुसाइड कर लिया है। उसका नाम पूजा है। चर्चा है कि इसी महिला के संबंध एक पूर्व सांसद से थे। इसी गैंग की आरती दयाल से 10 करोड़ रुपए के चेक और जमीनों के महंगे सौदे और सरकारी अफसरों के ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। चार्जशीट में यह सामने नहीं लाया गया कि किन हालातों में पूजा ने सुसाइड किया?

पूजा के माध्यम से श्वेता ने किन-किन लोगों को जाल में फंसाया? चार्जशीट में आरती के घर से बरामद चेक के बारे में भी कोई खुलासा नहीं है। साथ ही, उस आईएएस के नाम का भी जिक्र नहीं है, जिसने ब्लैकमेलर्स गैंग को एक करोड़ रुपए दिए थे। छतरपुर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष मनोज त्रिवेदी और उनके दो सहायकों को ब्लैकमेल करने के मामले में छतरपुर टीआई की भूूमिका सामने आने के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। बयान तक नहीं हुए। 

एसआईटी चीफ राजेंद्र कुमार से तीन सवाल.. सबका एक जवाब- कल बताएंगे

प्रश्न : पूजा का जिक्र चार्जशीट में है तो क्या पूजा सुसाइड केस की फाइल दोबारा खुलेगी?
प्रश्न : एक करोड़ रुपए देने वाले आईएएस अफसर का नाम क्यों नहीं उजागर किया? 
प्रश्न : चार्जशीट में जिन पत्रकारों का नाम, उनसे पूछताछ क्यों नहीं की गई? 
सभी सवालों का एक ही जवाब : मैं कल यानी सोमवार को इन सवालों के जवाब दूंगा।


आरती दयाल के घर से मिले 10 करोड़ से ज्यादा के तीन चैक
चार्जशीट में पुलिस ने बरामदगी के जो दस्तावेज पेश किए हैं, उसमें लिखा है कि आरती दयाल के घर से 10 करोड़ रुपए से ज्यादा के तीन चैक मिले हैं। 7 फरवरी 2019 का आईसीआईसीआई बैंक का दस करोड़ का 10 अप्रैल 2018 का विजया बैंक का और 2.91 लाख और 90 हजार 349 रुपए का एक अन्य चैक भी मिला है। पुलिस ने इसके बारे में कोई खुलासा नहीं किया है।

सवाल यह भी : मंत्री के अाेएसडी अरुण निगम व हरीश खरे पर एफआईआर क्यों नहीं

मोनिका बोली थीं- जबरदस्ती की कोशिश हुई थी
खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निज सचिव हरीश खरे और खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल के विशेष सहायक अरुण निगम के वीडियो बनने का खुलासा हुआ है। मोनिका ने बयान में बताया है कि दोनों ने उससे जबरदस्ती की कोशिश की। लेकिन, जांच एजेंसी ने दोनों पर कोई एफआईआर नहीं की। दोनों अफसर भाजपा सरकार के समय भी मंत्रियों की निजी स्थापना में पदस्थ रह चुके हैं। सीएमओ की नाराजगी के बाद खरे को पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के स्टाफ से हटाया गया था, जबकि निगम की कार्यशैली तत्कालीन मंत्री रंजना बघेल के विशेष सहायक रहते काफी विवादों में रही है।

श्वेता स्वप्निल की भूमिका पर चुप्पी
जिन अफसरों और प्रभावशाली लोगों के ऑडियो-वीडियो सामने आए, उनके नाम भी चार्जशीट में नहीं हैं। इसके उलट चार्जशीट में जिन पत्रकारों के नामों का उल्लेख किया गया है, उनके न तो बयान लिए गए, न ही उन्हें कोई नोटिस जारी किया गया। चार्जशीट में यह तो लिखा गया कि श्वेता स्वप्निल जैन के अफसरों व प्रभावशाली लोगों से अच्छे संबंध थे, लेकिन उसकी भूमिका को चार्जशीट में खानापूर्ति की तरह दिखाया गया।

पिंक डायरी में कोडवर्ड में लिखा था… किस अफसर-नेता से कितनी रकम ली 
चार्जशीट में बताया गया है कि आरती दयाल के घर से पांच डायरियां बरामद की गईं। जिनमें आरती ने अपनी हस्तलिपि से जमीनों के महंगे सौदों, रुपयों के लेनदेन का हिसाब कोड वर्ड्स में तथा अफसरों स्थानांतरण के कच्चे प्रस्ताव लिख रखे थे। एक गुलाबी रंग की डायरी में अंतरंग वीडियो के आधार पर वसूली बड़ी धनराशियों का जिक्र है। जिनसे रुपए लिए गए हैं, उनके नाम कोड वर्ड में इसी डायरी के पहले पन्ने पर लिखे हैं। अफसरों ट्रांसफर और रिश्वत का उल्लेख भी है। ब्लैकमेलिंग के शिकार हुए राजेश गंगेले, आरती और मोनिका के बीच लेनदेन के विवाद का राजीनामा एग्रीमेंट भी बरामद किया गया है।

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