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रेल यात्रा में कम होगा कोरोना का खतरा, पंजाब के कपूरथला वर्कशाप ने बनाया पोस्ट कोविड कोच.

पंजाब के कपूरथला रेल काेच फैक्‍टरी (Kapoorthala Rail coach Workshop) ने कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए पोस्ट कोविड कोच तैयार किया गया है। इससे रेल यात्रा के दौरान कोरोना संक्रमण का खतरा कम होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए डिजाइन में कई बदलाव गए हैं। इन पोस्‍ट कोविड कोच ( Post Covid coach) में हैंड फ्री सुविधाओं को शामिल किया गया है। इनमें शौचालय के अंदर वॉश बेसिन पर पैर संचालित पानी के नल और साबुन के डिस्पेंसर शामिल हैं।

डिजाइन में किए गए कई बदलाव, कोचोंं में लगाए गए कॉपर कोडेड हैैंडल व पैर से चलने वाले नल.

कपूरथला रेल कोच फैक्टरी (Kapoorthala Rail coach factory) में तैयार चार पोस्ट कोविड कोचों को आरसीएफ के रवींद्र गुप्ता ने अन्य अधिकारियों और स्टाफ की मौजूदगी में दिल्‍ली के लिए रवाना किया। इनमें दो एसी और दो नॉन एसी स्लीपर कोच शामिल हैं। दिल्‍ली में रेलवे बोर्ड के अधिकारी इन कोचों का जायजा लेंगे। कोरोना वायरस के खतरे से लड़ने के लिए भारतीय रेलवे में पहली बार इस तरह के कोच निर्मित किए गए हैं।

इन कोचों में यात्रियों की सुविधा के लिए कई हैंड्सफ्री सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिसमें शौचालय के अंदर वॉश बेसिन पर पैर संचालित पानी के नल और साबुन के डिस्पेंसर शामिल हैं। इन कोचों में कॉपर कोटेड हैंडल, चिटकनी और कुंडी लगाए गए हैं। कॉपर में एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। इसलिए यह कुछ ही घंटों में इस पर लगे वायरस को खत्म कर देता है।

उन्‍होंने बताया किक इसके अलावा प्लाज्मा एयर उपकरणों का प्रावधान एसी कोचों के एसी डक्ट में किया गया है। यह एसी कोच के अंदर की हवा और सतहों को आयनित हवा का उपयोग करके साफ़ करता है जो कोचों को कोविड -19 से बचाव करता है तथा उसे वायरस से प्रतिरोधी बनाता है।

आरसीएफ के जीएम रवींद्र गुप्ता ने चार कोचों को किया रवाना.

जीएम ने बताया कि कोचों के अंदर टाइटेनियम डाइऑक्साइड की नैनो कोटिंग की गई है। यह वायरस, बैक्टीरिया, मोल्ड और फंगल विकास को समाप्त करती है और अधिक महत्वपूर्ण रूप से इनडोर वायु की गुणवत्ता को बढ़ाती है। टाइटेनियम डाइऑक्साइड एक सुरक्षित पदार्थ माना जाता है और मनुष्यों के लिए हानि रहित है। यह पर्यावरण के अनुकूल जल आधारित कोटिंग है। यह वायरस, बैक्टीरिया, मोल्ड और फंगल विकास को समाप्त करती है और इनडोर वायु की गुणवत्ता को बढ़ाती है। टाइटेनियम डाइऑक्साइड एक सुरक्षित पदार्थ माना जाता है। यह कोटिंग वॉश बेसिन, बर्थ, स्नैक टेबल, ग्लास विंडो, फ्लोर और हर सतह पर लगाई जाती है जो मानव संपर्क में आती है।

जागरूक करने वाले स्टिकर लगाए

इसके अलावा, कोच में कई स्थानों पर कोविड से बचावों को दर्शाते स्टिकर लगाए गए हैं ताकि यात्रियों को वायरस के खिलाफ सावधानी बरतने के लिए लगातार याद दिलाया जा सके । ये कोच बिना शक यात्रियों में बिना खौफ के रेल यात्रा करने का आत्म विश्वास पैदा करेंगे और कोरोनो वायरस के घातक खतरे से लड़ने में मदद करने को पूरी तरह सक्षम हैं।

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Written by Bhanu Pratap

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