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यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी से 500 बसें गाजियाबाद और 500 बसें नोएडा डीएम को सौंपने को कहा

कोरोना लॉकडाउन में उत्तर प्रदेश में बसों पर सियासत जारी है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की ओर से देर रात चिट्ठी लिखकर खाली बसों को लखनऊ भेजने के प्रस्ताव पर नाराजगी जताने के बाद अब यूपी सरकार ने उनसे 500 बसों की मांग नोएडा में की है। साथ ही अन्य 500 बसों को गाजियाबाद में डीएम को देने को कहा है। पीटीआई के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रियंका गांधी से कहा है कि वे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए 12 बजे तक ये बसें मुहैया करा दें।

दिलचस्प ये है कि इससे पहले यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी के 1000 बसों को मुहैया कराने के प्रस्ताव पर देर रात चिट्ठी भेजकर उन्हें सभी बसों को लखनऊ में आज सुबह 10 बजे तक भेजने को कहा था। प्रियंका गांधी के अनुसार उन्हें इस संबंध में सूचना रात 11.40 में ई-मेल द्वारा यूपी के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) अवनीश अवस्थी की ओर से दी गई थी।

प्रियंका ने इसके बाद रात करीब दो बजे इसका जवाब भी दिया और इसे समय और साधन दोनों की बर्बादी बताया। प्रियंका गांधी ने रात दो बजे एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) अवनीश अवस्थी को पत्र लिखकर कहा, ‘हमें ई-मेल के माध्यम से देर रात 11.40 बजे पत्र मिला जिसमें हमसे दस्तावेजों के साथ 1000 बसें सरकार को देने को कहा गया है। इसमें बसों को सुबह 10 बजे तक लखनऊ में मौजूद रहने की बात कही गई है।’

प्रियंका ने आगे लिखा, ‘प्रवासी मजदूर यूपी बॉर्डर पर फंसे हैं। वे भी खासकर दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर। ऐसे समय में जब हजारों लोग सड़कों पर चल रहे हैं और यूपी बॉर्डर पर रजिस्ट्रेशन के लिए जमा हुए हैं, 1000 खाली बसों को लखनऊ भेजना समय और साधन की बर्बादी होगी। ये अमानवीय भी है।’

यूपी में कोरोना काल में बसों पर सियासत

प्रियंका गांधी ने दरअसल रविवार को दो ट्वीट किए थे और कहा था कि हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी है, यूपी सरकार परमीशन दे। प्रियंका ने पहले ट्वीट में बसों का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, ‘हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं। हजारों की संख्या में राष्ट्र निर्माता श्रमिक और प्रवासी भाई-बहन धूप में पैदल चल रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ परमीशन दीजिए। हमें अपने भाइयों और बहनों की मदद करने दीजिए।’

वहीं, एक टीवी इंटरव्यू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि वह तीन दिन से कांग्रेस से कह रहे हैं कि वह उन्हें 1000 बसों के नंबर और उनके ड्राइवर और कंडक्टर की लिस्ट दे लेकिन कांग्रेस ने नहीं दिया। योगी के बयान पर कांग्रेस का कहना था कि यूपी सरकार ने उनसे कभी कोई लिस्ट नहीं मांगी। बाद में योगी सरकार की ओर से बस मुहैया कराने के संबंध में मंजूरी देने की भी खबरें आई।

इसके बाद सोमवार को प्रियंका गांधी वाड्रा ने श्रमिकों के लिए 1000 बसों के संचालन की अनुमति प्रदान किए जाने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा था कि कोरोना महामारी के समय उनकी पार्टी राज्य के लोगों के साथ सकारात्मक भाव से खड़ी रहेगी। उत्तर प्रदेश प्रशासन ने प्रियंका के निजी सचिव को पत्र लिखकर बसों के संबंध में विवरण मांगा था।

ट्रक-बस की आमने सामने से टक्कर :

लॉकडाउन की मार झेल रहे प्रवासी मजदूरों के साथ अब बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया में आज मंगलवार सुबह-सुबह दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक ट्रक और बस की आमने सामने से जबरदस्त टक्कर हुई, जिसमें 9 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई और चार गंभीर रूप से घायल हो गए।

खबरों के मुताबिक, इस हादसे में घायल लोगों को अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया से प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने मायागंज रेफर कर दिया। वहीं ट्रक के मलबे मे दबे सभी शवों को क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। मृतक पश्चिम चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा :

बताया जा रहा है, नवगछिया जीरो माइल में चालक से गुहार लगा कर सभी साइकिल सवार प्रवासी मजदूर ट्रक पर सवार हो गये थे, जो करीब चार किलोमीटर ही आगे तक आए और फिर उनके साथ ये दर्दनाक हादसा हो गया। वहीं दूसरी ओर से आ रही बस श्रमिक एक्सप्रेस में भी प्रवासी मजदूर सवार थे और इन दोनों वाहनों के आमने-सामने की टक्‍कर से ये दुर्घटना हुई। वहीं, स्थानीय लोगों के मुताबिक बस चालक की गलती के कारण यह हादसे होने की बात समाने आ रही है।

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