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कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने के आरोप पर बोले शिवराज-मामला उनके घर का, हमें दे रहे दोष

भाजपा ने बुधवार को इस आरोप का खंडन किया कि वह मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेताओं पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वह कुछ विधायकों को हरियाणा के एक होटल ले गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मामला उनके (कांग्रेस) घर का है, आरोप हमपर लगाते हैं। उनका काम केवल आरोप लगाना है। अब इतने गुट हैं कांग्रेस में कि आपस में ही मारामारी मची हुई है। 

इससे पहले समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार, आरोप को  ‘दुर्भाग्यपूर्ण’  करार देते हुए, मध्य प्रदेश भाजपा प्रमुख वी डी शर्मा ने कहा कि भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा ऐसा कुछ नहीं कर रही है। उन्होंने इसे कांग्रेस का अंदरूनी कलह बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह को इसका जवाब देना चाहिए। भाजपा का पूरे प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है।  

फ्लोर टेस्ट करा लें- बीएस राठौर 

मध्य प्रदेश के मंत्री बीएस राठौर ने कहा कि जो लोग काले धन का उपयोग करके विधायक खरीदने में शामिल हैं, वे डरते हैं कि उनकी भ्रष्ट कामों को कांग्रेस सरकार द्वारा उजागर किया जाएगा। मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार 5 साल तक चलेगी। यदि आवश्यक हो, तो एक फ्लोर टेस्ट करा लें।

शिवराज सिंह चौहान हैं मास्टमाइंड- जीतू पटवारी 

इससे पहले कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह कमलनाथ सरकार को गिराने की साजिश रच रही रही है। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार उन्होंने इसे लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर बड़ा आरोप लगाते हुए उन्हें साजिश का मास्टमाइंड बताया है। उन्होंने कहा कि कई वीडियो और ऑडियो वायरल हो रहे हैं, जो उनकी भूमिका को उजागर करती हैं।

मारे विधायकों को 50-60 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही-  पटवारी

भाजपा पर आगे आरोप लगाते हुए पटवारी ने कहा कि पार्टी लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। मोदी जी एक अलग तरह की राजनीति की बात करते हैं, इस तरह की राजनीति वह करना चाहते हैं। हमारे विधायकों को 50-60 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है। हमारे कुछ विधायक बेंगलुरु में हैं, लेकिन वे हमारे साथ हैं। इससे पहले पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता हरियाणा के एक होटल में आठ विधायकों को लेकर गए हैं।

दिल्ली से भोपाल के लिए निकले दिग्विजय सिंह

वहीं, दिग्विजय सिंह दिल्ली से भोपाल के लिए निकल गए हैं। वह भोपाल पहुंचकर सीएम कमलनाथ से आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। भोपाल निकलने से पहले उन्होंने कहा,’सरकार को खतरा नहीं इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। सभी विधायक वापस आ जाएंगे। 

भाजपा ने कांग्रेस के विधायकों को खरीदने की कोशिश की- दिग्विजय

पटवारी से पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि भाजपा का एक बड़ा नेता बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक को एक चार्टर्ड फ्लाइट में दिल्ली ले गया है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस के विधायकों को खरीदने की कोशिश की। 

भाजपा ने आरोप को गलत बताया

दूसरी ओर भाजपा ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय के दावे को खारिज कर दिया। पार्टी ने कहा कि उनका बयान 26 मार्च को मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए फिर से नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं पर आरोप

समाचार एजेंसी पीटीआइ को पटवारी ने फोन पर बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और रामपाल सिंह सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा एक साजिश के तहत कांग्रेस के आठ विधायकों को जबरन हरियाणा के एक होटल में ले जाया गया।

दिग्विजय सिंह को पल-पल की खबर थी-  मानक अग्रवाल

मध्य प्रदेश में चल रही उठापटक पर कांग्रेस नेता  मानक अग्रवाल ने कहा कि अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा का यह गेम प्लान था। दिग्विजय सिंह को पल-पल की खबर थी। सभी विधायक पार्टी के संपर्क में हैं। सभी वापस आएंगे।

चार विधायक वापस आ गए हैं- पटवारी

पटवारी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायकों ने बताया कि उन्हें भाजपा नेताओं द्वारा जबरन ले जाया गया। उन्होंने आगे कहा कि हम उन्हें वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। उनमें से चार वापस आ गए हैं। वे आदिवासी विधायक बिसाहूलाल सिंह को जबरन ले गए हैं।

रमाबाई को साथ लेकर आए जीतू पटवारी 

समाचार एजेंसी एएनआइ ने एक वीडियो ट्वीट किया है। इसमें मध्य प्रदेश के मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह गुरुग्राम के मानेसर में आइटीसी रिज़ॉर्ट से रवाना हुए। बसपा की निलंबित विधायक रमाबाई उनके साथ हैं। रमाबाई उन आठ विधायकों में से एक हैं, जिन्हें कथित तौर पर भाजपा द्वारा हरियाणा ले जाया गया। 

हालात नियंत्रण में- कमलनाथ 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिग्विजय और उनके मंत्री बेटे जयवर्धन सिंह भी विधायकों से मिलने के लिए हरियाणा के होटल पहुंचे। इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पीटीआइ को बताया, ‘हालात नियंत्रण में हैं। ऐसा कुछ नहीं है। विधायक वापस लौट आएंगे।’ कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, जिन आठ विधायकों को हरियाणा ले जाया गया है, उनमें से चार कांग्रेस के हैं, एक निर्दलीय है, जबकि बाकी सभी बसपा और सपा के हैं।

दिग्विजय के बयान पर चौहान का पलटवार

नई दिल्ली में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए, दिग्विजय ने आरोप लगाया कि कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने के लिए उनकी पार्टी के विधायकों को भाजपा नेताओं द्वारा करोड़ों रुपये देने की पेशकश की जा रही है। चौहान ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के दिग्गज नेता पर गलत बयानबाजी का आरोप लगाया। भाजपा उपाध्यक्ष और विधायक रामेश्वर शर्मा ने पीटीआइ से कहा कि लोग कांग्रेस के इस दिग्गज नेता को गंभीरता से नहीं लेते।

मध्य प्रदेश का सियासी समीकरण

मध्य प्रदेश में 228 सदस्यीय विधानसभा में, कांग्रेस के पास 114 सीटें हैं और उसने दो बीएसपी, एक समाजवादी पार्टी और चार निर्दलीय विधायकों की मदद से सरकार बनाई। कुछ विधायकों की मृत्यु के बाद वर्तमान में दो सीटें खाली हैं। भाजपा के पास 107 सीटें हैं।

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Written by Bhanu Pratap

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