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उत्तर प्रदेश / शाह ने कहा- लखनऊ की भूमि से डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसे विरोध करना हो करे, सीएए वापस नहीं होगा

  • सीएए के समर्थन में शाह की छठी रैली, इससे पहले वे अहमदाबाद, जोधपुर, नई दिल्ली, जबलपुर, वैशाली में जनसभाएं कर चुके हैं
  • शाह बोले- राहुल बाबा, अखिलेश, ममता जी, बहन जी सार्वजनिक चर्चा के लिए तैयार हूं, किसी की भी नागरिकता चली जाए यह बता दीजिए

लखनऊ. केंद्रीयगृहमंत्री अमित शाह मंगलवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। उन्होंने लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में रैली की। उन्होंने कहा- मैं देश को बताना चाहता हूं कि सीएए के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा- लखनऊ की भूमि से डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसे विरोध करना हो करे, सीएए वापस नहीं होगा। सीएए के समर्थन में शाह की यह छठी रैली है। इससे पहले वे अहमदाबाद, जोधपुर, नई दिल्ली, जबलपुर, वैशाली में जनसभाएं कर चुके हैं।

शाह ने कहा- मैंने इस बिल को लोकसभा में पारित किया

  • ‘राहुल बाबा, अखिलेश, ममता जी, बहन जी सार्वजनिक चर्चा के लिए तैयार हूं। अल्पसंख्यक छोड़ दीजिए, किसी की भी नागरिकता चली जाए यह बता दीजिए। देश में धरना, दंगा कराए जा रहे हैं। कांग्रेस, सपा, बसपा और तृणमूल करा रही है। सीएए में किसी की नागरिकता छीनने का प्रावधान नहीं है। यह देने का प्रावधान है।’ 
  • ‘पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान में करोड़ो लोग रह रहे हैं, वहां अब अत्याचार हो रहा है। मैंने उनके दर्द को सुना है। सामूहिक बलात्कार किया जाता है। जबरन निकाह, धर्म परिवर्तन कराया जाता है। हजारों मंदिर, गुरुद्वारे तोड़े जाते हैं। अफगानिस्तान के भीतर आसमान को छूने वाला भगवान बुद्ध के पुतले को गोले दागकर जीर्ण शीर्ण करने का पाप हुआ है। यह आजादी के वक्त से चल रहा है।’
  • ‘अभी-अभी संसद का सत्र था। नरेंद्र मोदी सीएए लेकर आए। सीएए के खिलाफ राहुल बाबा एंड कंपनी, ममता दीदी, अखिलेश, बहन जी सभी कांव-कांव करने लगे। कांग्रेस के पाप के कारण देश के दो टुकड़े हो गए। कांग्रेस ने विभाजन को स्वीकार कर लिया। लाखों लोग मारे गए, अत्याचार हुआ। जब विभाजन हुआ तब पाकिस्तान में 23% अल्पसंख्क थे, लेकिन आज 3 % बचे हैं।’
  • ‘कहां गए वो लोग या तो मार दिया गया, या फिर भारत में शरण ली। तब आपका ह्यूमन राइट्स कहां सो रहा था। कश्मीर के अंदर से पांच लाख से ज्यादा कश्मीरी पंडितो को अपने देश के भीतर विस्थापित होना पड़ा। जिन कश्मीरी पंडितो की हवेलियां थीं, आज उनके पास खाने को खाना नहीं है।’
  • ‘गांधी जी ने कहा 1947 में कहा था कि शरणार्थियों को उनका हक मिलना चाहिए। जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि केंद्रीय राहत कोष से जो करना पड़े वो करना चाहिए। इंदिरा गांधी ने कहा- बांग्लादेश के शरणार्थियों के लिए भारत की भूमि खुली है। श्याम प्रसाद मुखर्जी, मौलाना आजाद, सरदार पटेल सब ने कहा। लेकिन, कांग्रेस पार्टी वोट बैंक की लालच में अंधी है।’
  • ‘अखिलेश बाबू आप ज्यादा न बोलो तो अच्छा है। किसी के रटे-रटाए शब्द बोलते हो। मंच पर पांच मिनट बोलकर दिखाओ। मैं यूपी के चप्पे-चप्पे को जानता हूं। जो देश विरोधी नारे हैं, उसे यूपी की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। ममता दीदी इतनी जोर जोर से बोलती है कि, लगता है कि इन्हें हो क्या गया है? दलित बंगालियों को नागरिकता मिल रही है, उसमें आपको तकलीफ क्या है, बता दीजिए।’
  • ‘हाल ही में राजस्थान में चुनाव हुआ। कांग्रेस के घोषणा पत्र में लिखा है, शरणार्थियों को नागरिकता मिलनी चाहिए। तो आप करें तो ठीक, हम करें तो विरोध। हमारा तो जन्म ही विरोध में ही हुआ है। मायावती व ममता को आदत पड़ी है कि, देश हित में जो भी हो, उसका विरोध करें।’
  • ‘जवाहर लाल नेहरू ने जो गलती की थी, आज हमारे नेता नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को उखाड़कर फेंक दिया। कश्मीर हमारा अभिन्न अंग नहीं माना जा रहा था। कश्मीर के भीतर अकेला तिरंगा नहीं फहरता था। आज कश्मीर के भीतर आसमान की ऊंचाइयों को तिरंगा छू रहा है। ममता, राहुल कहते थे, धारा 370 नहीं हटना चाहिए। पेट में क्यों दर्द हो रहा था। आज वहां आतंकवाद खत्म होने जा रहा है।’

दिसंबर 2019 में उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में हिंसा हुई

नागरिकता संशोधन काननू के विरोध में दिसंबर 2019 में उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में हिंसा हुई थी। इस दौरान 21 लोगों की जान गई। हिंसा में शामिल लोगों पर पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। प्रदेश में अभी भी प्रयागराज के अलावा राजधानी लखनऊ के घंटाघर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। महिलाएं 3 दिन से धरने पर बैठी हैं। प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट भी हो रहे हैं। पुलिस ने ऐसे 112 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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Written by Bhanu Pratap

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