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लव मैरिज की सफलता के लिए पति पत्नी को किसका धयान रखना चाहिए?

चाहे लड़का हो या लड़की हर एक को परफेक्ट लाइफ पार्टनर की जरूरत होती है, लेकिन लाइफ पार्टनर चुनने का तरीका हर एक का अलग होता है।

लव मैरिज में दोनों पार्टनर अपनी पसंद से एक दूसरे को चुनते  है।  इस तरह के रिश्ते को कई बार संघर्ष के बाद या कई बार सहजता से दोनों के परिवार के द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है। जहाँ ऐसे कपल को ख़ुशी के साथ स्वीकार कर लिया जाता है वहाँ कपल को जीवन की समस्याओँ को सुलझाने में आसानी हो जाती है, लेकिन जिन परिवारोँ के द्वारा उन्हें सहजता से स्वीकारा नहीं जाता वहाँ कपल को जीवन में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस तरह की परिस्थिति में कपल को अपनी पारिवारिक तथा अपनी शादी – शुदा जिंदगी को सफल बनाने के लिए निम्नलिखित बातों का धयान रखना आवश्यक है।

  • सबसे पहले पति पत्नी खुद पर और एक दूसरे पर विश्वास करें कि हम दोनों साथ हैं और दोनों मिलकर अपने सुख दुःख का सामना कर सकते है।
  • दोनों को यहाँ समझना होगा की शादी के पहले का रिलेशन और शादी के बाद के रिलेशनशिप में अंतर आ सकता है, क्योंकि परिस्तिथियोँ में बदलाव आ चुका होता है। उदहारण के लिए – लड़की को अब लड़के के साथ साथ उसके परिवार को भी अपना बनाने की चुनौती होती है, उसी तरह लड़का अपने परिवार के साथ अपने पत्नी के परिवार के साथ मधुर संबंध बनाये रखने की चुनौती से गुजरता है. इस तरह जीवन के बदलावों को अपनाने के लिए पति पत्नी को हमेशा तैयार रहना चाहिए।
  • कपल को एक दूसरे की इच्छाओ पसंद – नापसंद का सम्मान करना चाहिए, भले ही दोनों ने एक दूसरे को जीवन साथी के रूप में अपनाया हो लेकिन दोनों का व्यक्तित्व अलग है। अगर दोनों को किसी की कोई बात नापसंद हो तो आपस में बातचीत करके समस्या को सुलझाया जा सकता है, और यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए।
  • लव मैरिज हो या अरेंज मैरिज आर्थिक मुद्दा बहुत मह्त्वपूर्ण है। पति पत्नी दोनों को एक दूसरे से फाइनेंसियल प्लान्स शेयर करना चाहिए और अगर कोई समस्या हो तो आपस में बातचीत करके समस्या का समाधान करना चाहिए।
  • लव मैरिज एक ही जाति में हो तो लड़की के सामने समस्याएँ कम आती है लेकिन अन्तरजातीय शादी हो तो लड़की को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मान्यतायें रीती – रिवाज़ जैसे हालातों  के साथ सामंजस्य बिठाने में लड़की को समस्या हो सकती है। लेकिन लड़की अगर थोड़े धैर्य के साथ काम ले तो वह उस वातावरण के साथ एडजस्ट कर लेगी।

ये वो बिंदु हैं जिनपर ध्यान रखने की जरूरत होती है, लेकिन आखिर में जो सबसे ज्यादा असर डालता है वो है दोनों पार्टनर्स के बीच एक दूसरे का “सम्मान”. यही सम्मान आपको आपके पार्टनर की अनुपस्थिति में भी उसका पक्ष रखने और उसकी तरफ से बोलने का आधार बनता है।

हर रिश्ते में नोक झोंक होती है, लेकिन इस नोक झोंक का अंत एक मुस्कराहट के साथ होना चाहिए, और ऐसा तब होगा जब दोनों एक दूसरे को माफ़ करने में देर नही लगाएंगे।

“गलती ढूंढने में भी उतना ही वक्त लगेगा जितना कारण ढूंढने में लगता है, तो अब रिश्ते के लिए बेहतर क्या है ये फैसला करना मुश्किल नही होना चाहिए…है न?“

लेखिका – जीविका रत्नपारखी – मनोप्रकृति इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइकोलॉजी, इंदौर

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Written by Aviral Jain

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